पर्वतीय क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के चलते उफान पर बहने वाली सिगड्डी स्रोत नदी के बहाव की चपेट में आने से वन गुर्जरों की दो झोपड़ी बह गई। आपदा की सूचना पर पुलिस, वन विभाग और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और राहत बचाव अभियान चलाया।
लैंसडौन वन प्रभाग के सिगड्डी स्रोत कंपार्टमेंट-19 में वन गुर्जरों के कई डेरे हैं। शनिवार सुबह सिगड्डी स्रोत के उफान में बहने से उनकी दो झोपड़ियां ध्वस्त होकर बह गई। मौके पर एसडीआरएफ टीम के साथ पहुंचे एसआई जयपाल राणा ने बताया कि घटना में जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है, स्रोत के उफान में गुर्जरों की दो झोपड़ियां और कुछ बर्तन बहे हैं।
वन गुर्जर शमशाद, यामीन, रोशनदीन, मोहम्मद कासिम, मोहम्मद युसुफ, ईनाम अली, शराजुदीन,अमीर हमजा, मोहम्मद रफी, इरफान, मोहम्मद वजीर ने बताया कि शुक्रवार रात करीब दो बजे से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते सिगड्डी स्रोत पूरे उफान में आ गया। शनिवार तड़के चार बजे सिगड्डी स्रोत जमीन काटते हुए डेरे तक पहुंच गया।
डेरे वासियों ने झोपड़ियों में रखा सामान निकाला और सुरक्षित जगह पर ले गए। बताया कि सिगड्डी स्रोत के उफान की चपेट में आकर उनकी दो झोपड़ियां बह गई। वन गुर्जरों का कहना है कि स्रोत का रुख उनके डेरे की ओर होने से कभी भी बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बढ़ गई है।
शासन-प्रशासन से कई बार गुहार लगाने के बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बताया शासन-प्रशासन की ओर से न तो उनके रहने के लिए सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं और न ही उन्हें अन्यत्र सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा है।