पुलवामा हमले के विरोध में शनिवार को देहरादून बंद रहा। इसके साथ ही पूरे राज्यभर में शहीद को श्रद्धांजलि दी गई। सभी व्यापारिक संगठनों ने बंद का समर्थन किया और समस्त व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरे दिन बंद रखे।
हमले से गुस्साए लोगों ने जगह-जगह आतंकवादियों और पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके साथ ही चौराहों और बाजारों में पाकिस्तान के पुतले फूंके गए। इधर, इस दौरान जुलूस प्रदर्शन के चलते कई मार्गों पर जाम की स्थिति भी बनी, मगर लोगों के सहयोग से पुलिस ने स्थिति को काबू किया।
शनिवार को हुए इस बंद में आम जनता ने भी व्यापारियों का सहयोग किया। पलटन बाजार, धामावाला बाजार, मोती बाजार, आदि बड़े बाजारों के साथ-साथ गली मोहल्लों में भी लोगों ने दुकानें बंद रखीं। बड़े-बड़े मॉल, मार्ट के साथ ही कार शोरूम आदि के बाहर भी बंद की तख्ती लटकी मिली।
पेट्रोल पंप दोपहर दो बजे तक बंद रहे। जबकि, अन्य सभी प्रतिष्ठान शनिवार शाम तक बंद रहे। इस दौरान शहर में जगह जगह पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारों के साथ जुलूस निकाले गए। साथ ही सरकार से मांग की गई कि वह पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब दे। जुलूस प्रदर्शन में लोगों के चेहरों पर पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा साफ झलक रहा था। घंटाघर, सहारनपुर चौक, दिलाराम बाजार, पटेलनगर मंडी, प्रेमनगर आदि क्षेत्र जुलूस प्रदर्शन का केंद्र रहे।
घंटाघर पर एक बड़े जुलूस के दौरान दोपहर करीब 12 बजे आसपास के क्षेत्र में जाम की स्थिति बनी। इस पर पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे और पुलिस अधीक्षक यातायात प्रकाश चंद आर्य ने सड़क पर खड़े रहकर मोर्चा संभाला।