दो साल पहले हुई नोटबंदी जैसे हालात यहां फिर से हो गए हैं। सैकड़ों लोगों को डेबिट और क्रेडिट कार्ड बदलवाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हाल नोटबंदी जैसा हो गया है। कार्ड बदलवाने के लिए लोग दिनभर कतारों में लग रहे हैं।
दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक ने गत वर्ष आदेश जारी किया था कि सभी बैंकों में सुरक्षा के मद्देनजर केवल ईएमवी चिप वाले डेबिट या क्रेडिट कार्ड ही चलेंगे। इसकी तिथि 31 दिसंबर 2018 तय की थी। बैंकों को निर्देश दिए गए थे कि वह अपने ग्राहकों को इस तिथि से पहले ईएमवी चिप वाले कार्ड उपलब्ध करा दें। बैंकों ने इस आदेश का अनुपालन करने में लापरवाही बरती।
नतीजा यह हुआ कि भारी संख्या में लोग ईएमवी चिप वाले डेबिट और क्रेडिट कार्ड से वंचित रह गए। नतीजतन, एक जनवरी से उनके मैग्नेटिक स्ट्रिप वाले डेबिट कार्ड एटीएम में नहीं चल रहे हैं। कैश निकालने के लिए उन्हें अपने बैंक की शाखा में कतार लगानी पड़ रही है। इसके अलावा एक कतार डेबिट कार्ड बदलने वाले भी लगा रहे हैं। बैंकों के अधिकारी सही तरीके से जवाब तक नहीं दे रहे हैं।
कई बैंकों ने डाक के माध्यम से ग्राहक के पते पर ईएमवी चिप वाला कार्ड भेजने की प्रक्रिया अपनाई। यह प्रक्रिया बुरी तरह से विफल हो गई है। तमाम लोग ऐसे हैं, जिनके पते पर आज तक भी कार्ड नहीं पहुंचा। इससे परेशान वह अब बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। बैंक कह रहे हैं कि डाक के माध्यम से कार्ड भेज दिया गया है।
एचडीएफसी, पीएनबी सहित कई बैंकों ने यह नियम अपनाया कि डेबिट कार्ड मिल जाएगा, लेकिन इसका पिन आपके पते पर ही आएगा। अब डेबिट कार्ड लेने के बावजूद वह पिन के लिए भटक रहे हैं। कार्ड बदलवाने पहुंचे सुजीत चौधरी का कहना है कि नोटबंदी की याद आ गई है। सुबह से लाइन में लगकर शाम तक नंबर आ रहा है। अंतिम में पता चलता है कि कार्ड ही खत्म हो गए हैं।