शादी समारोह में अनुसूचित जाति के युवक संग हुई पिटाई की कहानी जितेंद्र के शव पर मिले चोटों के निशान बयां करने के लिए काफी है। परिजनों की मानें तो एक हाथ की हड्डी टूटने के साथ कमर और गुप्तांग पर चोट के निशान हैं। हालांकि मौत की सही वजह तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही सामने आ पाएगी।
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युवक की मौत के बाद अस्पताल में विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
टिहरी गढ़वाल के बसाण निवासी जितेंद्र दास की दबंगों ने बेरहमी से पिटाई की थी। पंचायतनामा भरने के समय जितेंद्र के शव पर काफी निशान पाए गए हैं। ग्रामीण जबर सिंह वर्मा के मुताबिक बाएं हाथ की हड्डी टूटने के साथ जितेंद्र के पैरों और कमर पर पिटाई के निशान हैं। उसके गुप्तांगों पर भी चोट है। जाहिर है कि दबंगों ने लात-घूंसों से पीटा था। आशंका है कि शरीर के अंदर गहरी चोट लगी है।
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युवक की मौत के बाद अस्पताल में विलाप करते परिजन
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मारपीट के कुछ घंटे बाद ही जितेंद्र बेहोश हो गया था। इस कारण वह अपना दर्द भी नहीं बता सका। एसपी टिहरी योगेंद्र सिंह के अनुसार जांच में यह भी जानकारी आई है कि जितेंद्र को मिर्गी के दौरे भी पड़ते थे, जिसकी दवा चल रही थी। जितेंद्र की मौत कैसे हुई, यह तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा।
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युवक की मौत के बाद अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
जितेंद्र दास के शव को सीएम आवास न ले जाने के विरोध में उग्र ग्रामीण कोरोनेशन अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों की योजना पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को सीएम आवास पर ले जाने की थी। पुलिस को इसकी भनक लग गई थी। कोरोनेशन अस्पताल में सीओ जया बलूनी को भेजने के साथ दिलाराम चौक पर भी ग्रामीणों को रोकने के लिए पुलिस बल लगा दिया गया था।
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युवक की मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस के बाहर परिजन
- फोटो : अमर उजाला
कैंट पुलिस सीएम आवास के बाहर घेराबंदी किए रही। सीओ जया बलूनी ने परिजनों को समझाने की भरसक कोशिश की। ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस नौ दिन में एक भी आरोपी को नहीं पकड़ पाई, जबकि आरोपी खुलेआम घूमकर पीड़ित परिवार को धमकियां दे रहे हैं।