उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल के श्रीकोट गांव में नौ दिन पहले शादी समारोह में पिटाई से घायल अनुसूचित जाति के युवक जितेंद्र की रविवार तड़के मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि गांव के सात दबंगों ने शादी समारोह में कुर्सी पर सामने बैठकर खाना खाने पर बेरहमी से उसकी पिटाई की थी। वहीं मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने श्री महंत इंदिरेश अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया। आक्रोशित ग्रामीणों की योजना शव को सीएम आवास पर ले जाने की थी, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया।
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युवक की मौत के बाद अस्पताल में विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
जितेंद्र के ऊपर ही बुजुर्ग मां गीता, 20 वर्षीय बहन पूजा और 12 साल के भाई के पालन पोषण करने का जिम्मा था। वह मजदूरी कर गुजर बसर करता था। जितेंद्र अपनी बहन की शादी की तैयारी में लगा था, लेकिन जितेंद्र का यह सपना अधूरा ही रह गया। जितेंद्र की मौत से परिवार पर आजीविका का संकट आ गया है।
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युवक की मौत के बाद अस्पताल में विलाप करते परिजन
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टिहरी गढ़वाल जिले के श्रीकोट गांव में 26 अप्रैल की रात शादी समारोह में कुछ दबंग युवकों ने बसाण गांव निवासी जितेंद्र दास को बुरी तरह मारापीटा था। पिटाई में जितेंद्र को गंभीर चोटें आई थीं। 27 अप्रैल की सुबह बेहोश होने के बाद से जितेंद्र अंतिम सांस तक होश में नहीं आ सका। जितेंद्र की बहन पूजा ने इस मामले में कैंपटी थाने में हमलावर गजेंद्र, सोबन सिंह, कुशाल, गंभीर, हुकुम सिंह, हरविंदर और गब्बर के खिलाफ मारपीट और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था।
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युवक की मौत के बाद अस्पताल में विलाप करते परिजन
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सीओ नरेंद्र नगर उत्तम सिंह भी कई दिन से जितेंद्र के बयान लेने को देहरादून में डेरा डाले थे, लेकिन होश में न आने के कारण उसके बयान दर्ज नहीं हो सके। रविवार तड़के पांच बजे के करीब जितेंद्र की मौत हो गई। इसके बाद बसाण और श्रीकोट गांव में तनातनी का माहौल बन गया। मां गीता देवी और बहन पूजा के विलाप से पूरा माहौल गमगीन हो गया था। अनुसूचित जाति के जितेंद्र की मौत की खबर मिलते ही श्री महंत इंदिरेश अस्पताल पहुंचे रिश्तेदारों और परिचितों ने भी आक्रोश जताया।
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युवक की मौत के बाद अस्पताल में विलाप करते परिजन
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लोगों का आरोप था कि दबंगों को यह रास नहीं आया कि अनुसूचित जाति का युवक उनके सामने बैठ कर कैसे खाना खा सकता है। आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों से अपमानित करके बेकसूर जितेंद्र को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। उनका कहना था कि पूरे मामले में पुलिस का रवैया आपत्तिजनक है। पुलिस ने किसी आरोपी को पकड़ने का प्रयास नहीं किया गया।