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देखिए, किस तरह नेतागिरी चमकाने को हुआ जनता की जान से खिलवाड़

Tue, 04 Oct 2016 03:10 PM IST
चांद मोहम्मद / अमर उजाला, देहरादून
चांद मोहम्मद / अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 04 Oct 2016 03:10 PM IST
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police lathicharge on shishambara plant foundation ceremony
protest

शीशमबाड़ा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एंड प्रोसेसिंग प्लांट को लेकर चल रही सियासत का नतीजा है कि शिलान्यास के मौके पर इस्लाम की जान चली गई। प्लांट की नींव रखने से पहले ही भाजपा-कांग्रेस विकास के मुद्दे को सियासी रंग देने में लगे रहे। सूत्रों की माने तो सरकार के पास हंगामे की सूचना थी जिसके चलते शिलान्यास से पहले सीएम व शहरी विकास मंत्री ने खुद को समारोह से दूर कर लिया। विकास योजना के विरोध में स्थानीय नेताओं की अगुवाई में उमड़ी भीड़ हर हद पार करने को अमादा थी।

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पुलिस के लाठी भांजने पर भी वो रुक रुक कर पथराव कर रहे थे, जिस दौरान मची भगदड़ में फंसे इस्लाम की बाद में जान चली गई। शहर और पैरा अर्बन क्षेत्र की करीब बीस लाख जनता को लाभान्वित करने वाले शीशमबाड़ा में बन रहे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एंड प्रोसेसिंग प्लांट का नगर निगम ने आठ साल पहले प्लान बनाया। सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी में केस लड़कर क्लियरेंस हासिल की।

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जानकार बताते है कि आठ साल तक मामला चलता रहा, तब विरोध कर रहे स्थानीय कांग्रेसियों और भू माफियाओं ने इसका विरोध नहीं किया। अब प्लांट के 500 मीटर तक निर्माण न होने की बात सामने आने पर उनका और कुछ भूमाफियों का विरोध सामने आया।
 

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सरकार भी कांग्रेसियों के दबाव और स्थानीय वोटरों के छिटकने के डर से इसके शिलान्यास से बचती रही। पर अब चारो ओर से घिर जाने और महापौर के अनशन की चेतावनी पर सरकार ने इसके निर्माण से रोक हटाई। पर सीएम और उनके कोई मंत्री कांग्रेसियों के रूठ जाने के डर से शिलान्यास में नहीं पहुंचे।
 

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आखिर प्लांट का शिलान्यास तो गया लेकिन सियासत की मार इस्लाम के परिवार पर पड़ी। गांव वेल्डिंग का काम करने इस्लाम के 6 बच्चे हैं। मृतक इस्लाम की मौत के बाद जब उसका शव घर पहुंचा, तो प्लांट का विरोध कर रहे कुछ नेता उसके घर सांत्वना देने पहुंचे। सूत्रों की माने तो इस दौरान परिजनों ने नेताओं पर राजनीति करने और उसी राजनीति में इस्लाम की जान जाने की बात कहते हुए उनका विरोध किया। जिम्मेदार लोगों ने परिजनों को समझाबुझाकर शांत किया। 
 

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