फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

AIIMS Rishikesh: अस्पताल में पुलिस की ऐसी एंट्री... सीधे गाड़ी लेकर वार्ड में घुसी, मरीजों में मचा हड़कंप

Fri, 24 May 2024 10:45 AM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 24 May 2024 10:45 AM IST
विज्ञापन
Police entered ward on third floor with a van to arrest the doctor Rishikesh AIIMS Nursing officer molest Case
पुलिस वाहन लेकर ओपीडी वार्ड में घुसी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

एम्स ऋषिकेश के इतिहास में ऐसी पहली घटना घटी, जिससे हर कोई हैरान है। पुलिस का वाहन चौथी मंजिल के वार्ड में अचानक घुस गया, जिससे यहां मरीजों में हड़कंप मच गया। मरीजों के बेड के बीचोंबीच गति से पुलिस का वाहन गुजरा।





दरसअसल, एम्स में एक नर्सिंग ऑफिसर ने ऑपरेशन के दौरान महिला चिकित्सक से छेड़खानी की। घटना से जेआर व एसआर आक्रोशित हो गए और आरोपी को गिरफ्तार कर उनके सामने से ले जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस को आरोपी को अभिरक्षा में लेने के लिए करीब दो घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। एम्स प्रशासन ने चिकित्सक को निलंबित कर दिया है।

आरोपी ने फांसी लगाने संंबंधी स्टीकर भेजकर किया मानसिक उत्पीड़न
घटना सोमवार शाम सात बजे की है। बताया जा रहा है कि जनरल सर्जरी विभाग के ऑपरेशन थिएटर में दो महिला चिकित्सक व एक पुरुष चिकित्सक के साथ ही एक पुरुष नर्सिंग ऑफिसर सतीश कुमार मौजूद थे। ऑपरेशन के दौरान नर्सिंग ऑफिसर सतीश कुमार ने एक महिला चिकित्सक के साथ छेड़छाड़ की। 

आरोप है कि उसने महिला चिकित्सक को व्हाट्सएप पर अनुचित मैसेज भी भेजे। इतना ही नहीं, आरोपी ने फांसी लगाने संंबंधी स्टीकर भेजकर मानसिक उत्पीड़न और डराने का प्रयास भी किया। पीड़ित महिला चिकित्सक ने इस संबंध में सोमवार देर शाम ही एम्स प्रशासन के साथ पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दर्ज कराई।

Police entered ward on third floor with a van to arrest the doctor Rishikesh AIIMS Nursing officer molest Case
पुलिस वाहन लेकर वार्ड में घुसी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

जूनियर रेजीडेंट व सीनियर रेजीडेंट डाक्टरों का प्रदर्शन
मंगलवार दोपहर तक कोई कार्रवाई न होने पर आक्रोशित जूनियर रेजीडेंट व सीनियर रेजीडेंट डाक्टरों ने परिसर में प्रदर्शन शुरू कर दिया। इन चिकित्सकों की मांग थी कि आरोपी को गिरफ्तार कर उनके सामने से ले जाया जाए। चिकित्सकों ने आरोप लगाया कि आरोपी को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए ऑपरेशन थिएटर की उपस्थिति रजिस्टर में छेड़छाड़ की गई। हालांकि, पुलिस ने प्रदर्शन के बीच देर शाम करीब साढ़े पांच बजे आरोपी सतीश कुमार को हिरासत में लिया।

Police entered ward on third floor with a van to arrest the doctor Rishikesh AIIMS Nursing officer molest Case
प्रदर्शन करते जेआर, एसआर - फोटो : अमर उजाला

आरोपी को लेने चौथी मंजिल पर पहुंचा वाहन

आरोपी सतीश कुमार की सुरक्षित हिरासत के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। आरोपी के साथ कोई अनहोनी घटना न हो इसके लिए पुलिस अपना वाहन सीधे चौथी मंजिल पर लेकर गई। यहां करीब डेढ़ घंटे से अधिक देर तक चले ड्रामे के बाद पुलिस किसी तरह आरोपी को वाहन में बिठाकर बाहर लाई। आक्रोशित जेआर व एसआर ने पुलिस वाहन को रोकने का प्रयास भी किया। इस दौरान पुलिस कर्मियों व चिकित्सकों की नोकझोंक हुई।

विज्ञापन
विज्ञापन
Police entered ward on third floor with a van to arrest the doctor Rishikesh AIIMS Nursing officer molest Case
पुलिस पहुंची एम्स - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विशाखा कमेटी ने की जांच

एम्स प्रशासन ने बताया कि मामले में विशाखा कमेटी ने जांच पूरी कर ली है। जांच रिपोर्ट निदेशक को सौंपी जाएगी। उसके बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। विशाखा गाइडलाइंस के तहत प्रत्येक ऐसी कंपनी या संस्थान जहां 10 या उससे ज्यादा कर्मचारी होते हैं वहां एक अंदरूनी शिकायत समिति (इंटर्नल कंप्लेंट्स कमेटी) गठित की जानी अनिवार्य होती है। इसमें अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी महिला को दी जाती है। इस कमेटी में यौन शोषण के मुद्दे पर ही काम कर रही किसी बाहरी गैर-सरकारी संस्था की एक प्रतिनिधि को भी शामिल करना अनिवार्य होता है।

मरीजों के बीच से गुजरा पुलिस का वाहन

एम्स के आकस्मिक विभाग में उस समय हड़कंप मच गया, जब मरीजों के बेड के बीचोंबीच से गति से पुलिस का वाहन गुजरा। यह एम्स ऋषिकेश के इतिहास में पहली घटना है। आरोपी को चिकित्सकों की भीड़ से बचाने के लिए पुलिस अपने वाहन को इमरजेंसी वार्ड के अंदर से लाई।

विज्ञापन
Police entered ward on third floor with a van to arrest the doctor Rishikesh AIIMS Nursing officer molest Case
एम्स ऋषिकेश - फोटो : अमर उजाला

तत्काल जांच समिति गठित करें जिलाधिकारी: महिला आयोग

एम्स ऋषिकेश में महिला चिकित्सक के साथ छेड़खानी मामले को महिला आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल एम्स ऋषिकेश पहुंचीं और आईसीसी कमेटी व डीन डॉ. जया चतुर्वेदी, पीड़िता व उसकी सहयोगी महिला चिकित्सकों से मिलकर मामले की जानकारी ली। कंडवाल ने जिलाधिकारी को तत्काल जांच समित गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने एम्स डायरेक्टर मीनू सिंह से दूरभाष पर वार्ता करते हुए गहन जांच कराने के लिए कहा। एम्स प्रशासन ने एएनएस को जांच चलने तक नोटिस दिया है और 72 घंटे में जवाब देने के लिए निर्देशित किया है।

ये भी पढ़ें...Chardham Yatra Advisory:  बिना पंजीकरण यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्री लौटाए जाएंगे, मुख्य सचिव ने दी ये सलाह

आरोपी नर्सिंग ऑफिसर के खिलाफ पीड़ित महिला चिकित्सक की शिकायत पर छेड़खानी व धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी को अभिरक्षा में लिया गया है। अग्रिम कार्रवाई की जा रही। - एसएस बिष्ट, प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली ऋषिकेश।

अंदरूनी शिकायत समिति ने मामले में जांच की है। जांच रिपोर्ट निदेशक को सौंपी जाएगी। आरोपी नर्सिंग ऑफिसर को निलंबित कर दिया गया है। - संदीप कुमार, पीआरओ, एम्स ऋषिकेश।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed