प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच सौ और हजार के नोट बंद करके एक तीर से कई निशाने साधे हैं और ये निशाने पूरी तरह से सटीक लगे हैं। कालेधन और भ्रष्टाचार पर वार के साथ पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को भी तगड़ी पटखनी दी है।
पाकिस्तान से आने वाली जाली करेंसी को लगा 'मोदी करंट'
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पाक खुफिया एजेंसी बरसों से भारतीय अर्थव्यवस्था को बिगाड़ने के लिए नकली नोटों की खेप भारतीय बाजार में उतार रही थी। इनमें बड़ी संख्या में पांच सौ और हजार के नोट थे। अब इस फैसले से नकली नोट खुद-ब-खुद चलन से बाहर हो जाएंगे।
सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक ज्योति स्वरूप पांडेय भी मानते हैं कि पांच सौ और एक हजार का नोट बंद हो जाने से फिलहाल नकली और असली का भेद मिट जाएगा।
देश में बड़ी संख्या में जाली करेंसी का चलन किसी से छुपा नहीं है और इसमें बड़ा हाथ पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का है। पहले समझौता एक्सप्रेस, फिर नेपाल बार्डर और अब बांग्लादेश के रास्ते जाली करेंसी भारत भेजी जाती रही है।
नेपाल बार्डर से जुड़ा होने के कारण उत्तराखंड बेहद संवेदनशील रहा है। प्रदेश के ऊधमसिंह नगर, देहरादून और नैनीताल के अलावा कई हिस्सों में जाली नोटों की खेप बरामद हुई।