प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले तीन ओलंपिक के लिए टास्क फोर्स का ऐलान किया है। पीएम की इस पहल से 2020 में टोक्यो में होने वाले ओलंपिक के लिए उम्मीदें बढ़ गई हैं। इन उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए खिलाड़ियों की नई फौज भी तैयार हैं।
हाल ही में हुए रियो ओलंपिक में 119 खिलाड़ियों में से सिर्फ साक्षी मलिक और पीवी सिंधु ही देश के लिए मेडल हासिल कर सके। ऐसे में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सवाल उठाना लाजमी है। पर जानकारों की माने तो इसके पीछे वजह कुछ और है।
खैर, ‘रात गई बात गई’ की तरह इसे भूल जाते हैं और बात करते हैं ‘जब जागों तभी सवेरा’ पर। उत्तराखंड की बात करें तो देहरादून और पिथौरागढ़ में बने स्पोर्ट्स कॉलेज के अलावा एक्सलेंसी और साईं सेंटर इन युवा खिलाड़ियों को निखारने में जुटे हैं।
उत्तराखंड के करीब एक दर्जन से ज्यादा खिलाड़ी ऐसे हैं जिनकी टोक्यो ओलंपिक के लिए मजबूत दावेदारी है। बैडमिंटन में लक्ष्य सेन और कुहू इस समय भारतीय बैडमिंटन जूनियर टीम में हैं। देश-विदेश में उनके बेहतरीन प्रदर्शन को देखें तो दोनों खिलाड़ी ओलंपिक के लिए तैयार नजर आते हैं।
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- फोटो : AmarUjala
शूटिंग में शपथ भरद्वाज ने अंतरराष्ट्रीय मेडल जीतकर भविष्य की उम्मीद जगाई हैं। काशीपुर की प्रियंका चौधरी और पिथौरागढ़ की मोनिका सौन दोनों ही भारतीय सीनियर बाक्सिंग टीम में अपनी धमक बिखेर रही हैं। जबकि पुरुष बाक्सिंग में हिमांशु सौलंकी और पवन गुरुंग भी टोक्यो का टिकट हासिल कर सकते हैं।