फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

गया से भी आठ गुना फलदायी है यह तीर्थ, शिवजी को यहीं मिली थी पाप से मुक्ति

Sat, 17 Sep 2016 06:53 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 17 Sep 2016 06:53 PM IST
विज्ञापन
pinddan at brahma kapal tirth in badrinath.
brahmakapal

पिंडदान के लिए भारतवर्ष क्या दुनिया भर से हिंदू भले ही प्रसिद्ध गया पहुंचते हों लेकिन एक तीर्थ ऐसा भी है जहां पर पिंडदान गया से भी आठ गुणा फलदायी है।

pinddan at brahma kapal tirth in badrinath.
brahmakapal - फोटो : AmarUjala

यही नहीं इसी तीर्थ स्थल पर भगवा‌न शिव को भी ब्रह्महत्या के पाप से मुक्ति मिली थी। पितृपक्ष शुरू होते ही इस तीर्थ में पितरों के उद्धार के लिए तीर्थयात्रियों के साथ स्थानीय श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचने लगे हैं।

pinddan at brahma kapal tirth in badrinath.
बद्रीनाथ - फोटो : amar ujala

चारों धामों में प्रमुख उत्तराखंड के बदरीनाथ के पास स्थित ब्रह्माकपाल के बारे में मान्यता है क‌ि यहां पर पिंडदान करने से पितरों की आत्मा को नरकलोक से मुक्ति मिल जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
pinddan at brahma kapal tirth in badrinath.
brahmakapal

स्कंद पुराण में ब्रह्मकपाल को गया से आठ गुणा अधिक फलदायी पितरकारक तीर्थ कहा गया है।

विज्ञापन
pinddan at brahma kapal tirth in badrinath.
lord brahma - फोटो : AmarUjala

सृष्टि की उत्पत्ति के समय जब तीन देवों में एक ब्रह्मा मां सरस्वती के रुप पर मोहित हो गए तो भोलेनाथ ने गुस्से में आकर ब्रह्मा के तीन सिरों में से एक को त्रिशूल के काट दिया।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed