केरल से शुरू हुआ यह निपाह वायरस अब देशभर में दहशत फैला रहा है। उत्तराखंड में भी लोग चमगादड़ों की दहशत में हैं।
सावधान! उत्तराखंड में इस वजह से बढ़ सकता है निपाह वायरस का खतरा, लोगों में दहशत
बता दें कि उत्तराखंड में भी चमगादड़ों की करीब 31 खतरनाक प्रजातियां हैं। इसमें से फ्रूट बैट(फल खाने वाले) की छह से ज्यादा प्रजातियां इस खतरनाक वायरस के लिए जिम्मेदार हैं।
उत्तराखंड में देहरादून, टिहरी, लैंसडौन पौड़ी, बाजावाला देहरादून, मालदेवता देहरादून, गुनियाल गांव देहरादून, चमोली, नैनीताल आदि में काफी संख्या में चमगादड़ पाए जाते हैं।
वन विभाग के डा. रमन और रोहित चक्रवर्ती की ओर से प्रदेश में चमगादड़ों को लेकर 2016 में एक व्यापक सर्वे किया था। जिसके आधार पर यहां चमगादड़ों पर एक विशेष रिपोर्ट तैयार की गई है। जिसमें यह बात सामने आई है।
रहिनोलोफस एफिनिस (फ्रूट बैट), हिपोसीडेरस आर्मिजर (फ्रूट बैट), रहिनोलोफस पियरसोनिल (फ्रूट बैट), रहिनोलोफस सिनिकस (फ्रूट बैट), रहिनोलोफस लेपिडस(फ्रूट बैट), मिनिओपटेरस फुलिगिनोसस, नाइकटालस लेइसलेरी, प्लेकोटस होमाक्रोस, नाइकटालस नॉकटूला, मायोटिस सीएफ सिलिगोरिनिस उत्तराखंड में पाई जाती हैं।