एनसीईआरटी की किताबों को लेकर एक ऐसी जानकारी सामने आई है जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे।
एनसीईआरटी पुस्तकों की कमी को देखते हुए उनकी हूबहू कॉपी भी बाजार में प्राइवेट प्रकाशकों ने उपलब्ध करा दी हैं। यह पुस्तकें देखने में बिल्कुल एनसीईआरटी जैसी हैं लेकिन इनके दाम एनसीईआरटी किताबों की तुलना में 10 से 20 प्रतिशत ज्यादा हैं। कई बुक सेलर तो इन्हें ही एनसीईआरटी पुस्तक बताकर बेच रहे हैं। इससे बाजार में एक बार फिर प्राइवेट प्रकाशकों को बढ़ावा मिलना शुरू हो गया है।
एनसीईआरटी की जो किताब बाजार में 50 रुपये की है, वह प्राइवेट पब्लिशर की किताब 65 रुपये की है। यानी एक किताब को एनसीईआरटी कॉपी बनाकर प्रकाशक 15 रुपये अतिरिक्त मुनाफा कमा रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि कई विषयों की किताबें बाजार से गायब हो गई हैं, ऐसे में एनसीईआरटी खरीदनी है तो यह किताबें भी लेना मजबूरी है।
कई बुक सेलर तो सीधे एनसीईआरटी के नाम पर इन किताबों को बेच रहे हैं। हालांकि इन किताबों के पहले पेज पर साफ लिखा हुआ है कि यह हेल्पबुक पूर्णरूप से शिक्षा विभाग के वर्तमान सिलेबस और स्टाइल के आधार पर तैयार की गई है। एनसीईआरटी की किताबों की रॉयल्टी सरकार ने अदा की हुई है, इसलिए वह अपेक्षाकृत सस्ती हैं।
एक बुक सेलर ने बताया कि एनसीईआरटी किताबों की भारी डिमांड है लेकिन बाजार में किल्लत है। ऐसे में यही विकल्प बेहतर है कि कुछ महंगे दामों पर ही सही, कम से कम यह सस्ती किताबें उपलब्ध तो हो रही हैं। कुछ अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि यह प्राइवेट प्रकाशक निजी स्कूलों के साथ मिलकर एनसीईआरटी की इन किताबों का खेल कर रहे हैं।