फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

खुल गया राज, इसलिए बोनी कपूर और अनिल कपूर अस्थि विसर्जन के लिए पहुंचे हरिद्वार

Sat, 10 Mar 2018 07:47 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 10 Mar 2018 07:47 AM IST
विज्ञापन
mystery behind sridevi ashes immersed in haridwar
spring bird festival - फोटो : amar ujala
अभिनेत्री श्रीदेवी की अस्थियां हरिद्वार में क्यों विसर्जित की गई, इससे पर्दा उठ गया है। गुरुवार को हरकी पैड़ी पर पति बोनी कपूर ने श्रीदेवी की अस्थियां गंगा में प्रवाहित की।

 
mystery behind sridevi ashes immersed in haridwar
boney kapoor
फिल्म अभिनेत्री श्रीदेवी का निधन दुबई में 24 फरवरी को हुआ था। जिसके बाद 28 फरवरी को मुंबई में उनका अंतिम संस्कार किया गया। चार मार्च को उनके पति बोनी कपूर ने श्रीदेवी की अस्थियां रामेश्वरम में विसर्जित की गई।

 
mystery behind sridevi ashes immersed in haridwar
boney kapoor
आठ मार्च यानी गुरुवार को दो कलश में श्रीदेवी की अस्थियां गंगा में प्रवाहित की गईं। फिल्म अभिनेत्री श्रीदेवी की अस्थियां हरिद्वार में गंगा में विसर्जित करने के पीछे दो बड़ी वजह थीं। पहली यह कि श्रीदेवी ने अपने जीते जी दोबारा हरिद्वार आने की इच्छा व्यक्त की थी, लेकिन ऐसा हो न सका। इसलिए उनकी इच्छा पूरी करने के लिए बोनी और अनिल कपूर हरिद्वार में शांति पाठ कराने पहुंचे।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
mystery behind sridevi ashes immersed in haridwar
श्रीदेवी बोनी कपूर - फोटो : self
वर्ष 1993 में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान श्रीदेवी कुछ देर के लिए हरिद्वार में रुकी थीं। शूटिंग के दौरान यहां से गुजरते हुए श्रीदेवी ने फिल्म यूनिट के साथ हरिद्वार में रुकने की जिद की थी। तब श्रीदेवी ने मां गंगा का आशीर्वाद लेकर दोबारा हरिद्वार आने की इच्छा जताई थी, लेकिन फिर वो कभी हरिद्वार नहीं आ पाईं। हिंदु धर्म में अस्थियों के एक हिस्से को आत्मा की शांति के लिए किसी अन्य स्थान पर भी विसर्जित किया जा सकता है।
 
विज्ञापन
mystery behind sridevi ashes immersed in haridwar
haridwar ganga
दूसरी वजह यह कि कपूर खानदान के तीर्थ पुरोहित हरिद्वार में हैं। माना जाता है कि मरने के बाद अस्थि विसर्जन और श्राद्ध के लिए तीर्थ पर आना पड़ता है। श्रीदेवी से पहले हरिद्वार में कपूर खानदान के कई मेंबर्स की अस्थियां विसर्जित हो चुकी हैं। तीर्थ पुरोहित शिवकुमार के मुताबिक बोनी कपूर 1988 में अपने दादा लालचंद और 2011 में अपने पिता सुरेंद्र कपूर और पहली पत्नी मोना की अस्थियां गंगा में प्रवाहित कर चुके हैं।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed