हरिद्वार में रिमझिम बारिश के बीच मुलतानी समाज के हजारों लोगों ने दिन में गंगा मैया के साथ दूध की होली खेली और रात को आतिशबाजी करके दिवाली मनाई। शाम के समय गंगा की पूजा अर्चना करे जोतें प्रभावित की गई। समाज के इस कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग हरकी पैड़ी पर एकत्र हुए।
दिन में होली, रात को दिवाली, तस्वीरों में देखें अनोखा उत्सव
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अखिल भारतीय मुलतान जोत सभा के अध्यक्ष दौलत राम और युवा जोत सभा के अध्यक्ष डा. महेंद्र नागपाल के संयोजन में रविवा सुबह आठ बजे हजारों लोग बाल्टियों में दूध और पिचकारी लेकर हरकी पैड़ी पहुंचे। मुलतान समाज के लोगों ने स्नान से पहले दूध की पिचकारियां गंगा में छोड़ते हुए होली खेली और गंगा मैया का जयघोष किया।
संध्याकाल में उत्तरी हरिद्वार के मुलतान जोत सभा भवन से बैंड बाजों और झांकियों के साथ विशाल मुलतान जोत वाहन में रखकर हरकी पैड़ी के लिए रवाना हुई। जगह-जगह से लोग जोत यात्रा में शामिल होकर सुंदर कांड का पाठ और यज्ञ कर रहे थे। इस महोत्सव को लेकर शहर को बड़े-बड़े तोरण द्वारों से सजाया गया था। मुख्य जोत बिजली की नई तकनीक से बहुत भव्य बनाई गई थी।
हरकी पैड़ी पहुंचने से पहले मंच पर जोत यात्रा में शामिल हुए कई मुलतानी नेताओं ने जोत यात्रा के महत्व के बारे में बताया। बताया कि भक्त रूपचंद पाकिस्तान में रह गए मुलतान प्रांत से वर्ष 1911 में पहली जोत लेकर आए थे। उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग का अनुसरण करते हुए हर साल यह जोत निकाली जाती है।
शाम को आरती के समय जोत यात्रा गंगा के मंगल गीत गाते हुए हरकी पैड़ी पहुंची। हरकी पैड़ी पर एक-एक जोत जलाई गई और सुख- समृद्धि की कामना करते हुए गंगा में विसर्जित की गई। जोत यात्रा में विभिन्न पात्रों के डुप्लीकेट अलग मंच पर बैठे थे। रास्ते भर ये डुप्लीकेट बाबा रामदेव, अन्ना हजारे, अमिताभ बच्चन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भिनय कर दर्शकों का मनोरंजन करते रहे।