देश के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी के बेटे आकाश अंबानी और श्लोका मेहता की शादी अब इस विश्वप्रसिद्ध मंदिर में नहीं होगी। बल्कि शादी के बाद आकाश और श्लोका व अन्य परिजनों के साथ बदरी-केदार का आशीर्वाद लेने आएंगे। त्रियुगीनारायण मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद नवदंपत्ति पूरे परिवार के साथ भगवान का आशीर्वाद लेंगे।
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shloka mehta with mukesh ambani
- फोटो : amar ujala
कुछ समय पूर्व आकाश और श्लोका का विवाह त्रियुगीनारायण मंदिर में होने की बात सामने आई थी। लेकिन अब अंबानी परिवार ने इसकी संभावना से इनकार किया है। हालांकि उन्होंने भगवान बदरीनाथ-केदारनाथ के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा प्रदर्शित करते हुए विवाह के बाद सपरिवार दर्शनों के लिए आने की बात कही है।
कुछ दिन पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुंबई में इनवेस्टर मीट के संबंध में मुकेश अंबानी से मुलाकात की थी। इस दौरान त्रियुगीनारायण विवाह स्थल को लेकर भी उनकी बातचीत हुई है। मुलाकात के दौरान मौजूद रहे मुख्यमंत्री के औद्योगिक सलाहकार डा. केएस पंवार ने बताया कि विवाह के बाद आकाश और श्लोका पूरे परिवार के साथ उत्तराखंड आएंगे।
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aakash ambani shloka engagement
नवदंपत्ति के साथ पूरा परिवार भगवान बदरीनाथ और केदारनाथ की विशेष पूजा में शामिल होगा। देश के प्रमुख उद्योगपतियों में शामिल डा. केएस पंवार खुद भी रुद्रप्रयाग जिले के निवासी हैं, जो पिछले लंबे समय से त्रियुगीनारायण को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में पहचान दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने ही आकाश और श्लोका का विवाह त्रियुगीनारायण में कराने का न्योता अंबानी परिवार को दिया था।
कहते हैं कि त्रियुगीनारायण में ही भगवान शिव और माता पार्वती ने शादी की थी। शिव-पार्वती के विवाह की गवाह अखंड ज्योति आज भी निरंतर जल रही है। इस ज्योति के दर्शन करने के लिए यहां भक्तों की भीड़ लगी रहती है। माना जाता है कि, शिव-पार्वती जी ने इसी पवित्र अग्नि को साक्षी मानकर विवाह किया था।