नैनीताल: घरों के ऊपर पहाड़ी खिसकती देख दहशत में आए लोग, भागकर बचाई जान
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नैनीताल के रईस होटल क्षेत्र में सोमवार सुबह पहाड़ी खिसकने से भय का माहौल बन गया। बोल्डर नीचे गिरने की आवाज से आसपास के लोग भयभीत होकर घरों से बाहर आ गए और कई घंटे तक घर से बाहर रहने को मजबूर हुए। तीन दिन पहले भी यहां भूस्खलन हुआ था। डरे सहमे लोगों ने विस्थापन की मांग प्रशासन से की है।
रईस होटल क्षेत्र भूस्खलन की दृष्टि से बहुत संवेदनशील है। यहां बीते दस साल से भूस्खलन जारी है। बीते तीन साल से पहाड़ी खिसक रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सोमवार सुबह लगभग छह बजे सभी अपने घरों में सो रहे थे।
इसी बीच, पत्थर गिरने की तेज आवाज हुई और सभी जाग गए। किसी ने पहाड़ी खिसकने की जानकारी दी तो लोग डर के मारे घरों से भाग खड़े हुए। स्थानीय लोगों ने बताया कि रईस होटल के पास की पहाड़ी 65 डिग्री तक झुक चुकी है।
दस परिवारों को जीआईसी में शरण दिलाने के निर्देश
काफी दिन से लोगों को खतरा बना हुआ है। प्रशासन से विस्थापन की मांग की जा चुकी है, लेकिन सुनवाई नहीं हुई है। कोई अधिकारी देखने नहीं आया है। पिछले साल सरकार से फरियाद लगाई थी, लेकिन हमारी नहीं सुनी गई। एक घर के ऊपर बिजली का पोल झुक गया है, जो कभी भी गिर सकता है। ऐसे में पूरे मोहल्ले को खतरा बना हुआ है।
दस परिवारों को जीआईसी में शरण दिलाने के निर्देश
रईस होटल क्षेत्र में सोमवार देर शाम दूसरी बार पहाड़ी दरक गई। एसडीएम अभिषेक रोहिला ने सुरक्षा के मद्देनजर 10 परिवारों को शहीद मेजर राजेश अधिकारी राजकीय इंटर कॉलेज में शरण देने के अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
सोमवार शाम करीब सवा छह बजे रईस होटल के पास स्थित पहाड़ी का एक हिस्सा फिर से दरक कर बलियानाले में चला गया। सामाजिक कार्यकर्ता केएल आर्या ने एसडीएम अभिषेक रोहिला को इसकी सूचना दी। इसके बाद एसडीएम ने श्याम, सुमित, किशोर, शुभम, सुनीता, उमेश गुड्डू, शिवचरण, बंटी, मिथुन, करन कश्यप आदि के परिवारों को राजकीय इंटर कॉलेज में अस्थायी रूप शरण देने निर्देश दिए।