‘चलती-फिरती आंखों से अजां देखी है, मैंने जन्नत तो नहीं देखी, लेकिन मां देखी है।’ मशहूर शायर मुनव्वर राणा की ये पंक्ति ये बताने के लिए काफी है कि मां के आंचल की छाया में कितना सुकून मिलता है। मां सुनने में भले ही छोटा शब्द है, लेकिन इसका अर्थ बड़ा व्यापक है।
मदर्स डे 2021 : देहरादून की इन सिंगल मदर्स ने हर चुनौती का सामना कर बच्चों को बनाया कामयाब, तस्वीरें
मां की ममता के आगे उसके सभी बच्चे एक-समान होते हैं। ऐसी संघर्षपूर्ण स्थिति में भी जब ममता की खुशबू परिवार की बगिया को महकाए रखे, तो निसंदेह उस मां के प्रति आदर और बढ़ जाता है। कुछ ऐसी ही खास माताओं को सलाम करते हुए आज मदर्स डे पर अमर उजाला ने संजोई है उनकी प्रेरक कहानियां...
मदर्स डे 2021 : कोरोना के दौरान फील्ड और घर की दोहरी जिम्मेदारी संभाल रहीं सिटी मजिस्ट्रेट व सरिता डोभाल
पति की बीमारी के बाद थामा ऑटो का स्टेयरिंग
रानीपुर के विष्णुलोक कॉलोनी की रहने वाली सुमन जिले की पहली महिला ऑटो चालक हैं। पहले उनके पति सुनील सैनी ऑटो चलाते थे। मगर कुछ साल पहले उनके पति की टांगों में दिक्कत आ गई। इसके बाद घर चलाने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस पर सुमन ने गृहस्थी का जिम्मा अपने ऊपर लिया और ऑटो के पहियों से अपनी जिंदगी की गाड़ी दौड़ानी शुरू कर दी।