उत्तराखंड के पौड़ी में लाडली की खुशी के लिए उसकी मां ने पाई-पाई जोड़कर स्कूटी उसे उपहार में दी थी। वह अपनी लाडो को खूब पढ़ा-लिखाकर धूमधाम से शादी के सपने संजो रहीं थीं। लेकिन काल के क्रूर हाथों ने उनकी सारी खुशियां छीन ली। अब उस विधवा मां के सारे सपने दुखों के पहाड़ तले दबकर मिट्टी हो गए हैं।
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छात्रा की हालत जानने पहुंचे सीएम त्रिवेंद्र
एक गरीब परिवार हंसी-खुशी से रहता था। घर में वर्ष 2000 में नन्हीं बच्ची ने जन्म लिया, जो बालपन से ही पढ़ाई-लिखाई में अव्वल रही। बता दें कि 16 दिसंबर को पौड़ी की कफोलस्यूं पट्टी के एक गांव की रहने वाली बीएससी की छात्रा को छेड़छाड़ का विरोध करने पर एक युवक ने पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया था। छात्रा प्रयोगात्मक परीक्षा देकर स्कूटी से घर लौट रही थी। तभी आरोपी गहड़ गांव निवासी मनोज सिंह उर्फ बंटी ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद एक सुनसान जगह पर उसने छात्रा को जबरन रोककर छेड़छाड़ करनी शुरू कर दी। इस पर जब छात्रा ने विरोध किया तो उसने पेट्रोल डालकर उसे आग के हवाले कर दिया और मौके से फरार हो गया। जिससे छात्रा 70 प्रतिशत से अधिक झुलस गई थी।
गरीब माता-पिता ने कभी बेटी को किसी तरह की कोई कमी नहीं होने दी। बेटी पढ़ती रही। माता-पिता पढ़ाते रहे। वर्ष 2013 में किसी बीमारी के चलते इस बच्ची के सिर से पिता का साया उठ गया। मां ने जैसे-तैसे अपनी बच्ची की शिक्षा के लिए कदम बढ़ाए। मां की इस लाडली ने बीएससी की पढ़ाई का मन बनाया, तो मां ने आगे बढ़कर लाडो का साथ दिया, लेकिन मां को अब गांव से कालेज के बीच का करीब 30 किमी का फासला तय करने में बेटी को हो रही परेशानी सालने लगी।
मां ने पाई-पाई जोड़कर करीब एक माह पहले ही लाडली को उपहार में स्कूटी भेंट की। अब मां अपनी लाडो को खूब पढ़ा-लिखाकर धूमधाम से शादी करने के सपने संजो रही थीं, लेकिन 16 दिसंबर 2018 की शाम इस विधवा मां पर कहर बनकर टूटी। अब लाडली के इस दुनिया से जाने के बाद मां बेसुध पड़ी हुई है। शायद यही सोच रही हो कि ‘काश यह स्कूटी नहीं होती तो मेरी लाडली मेरे पास होती’।
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छात्रा की मौत के बाद गमगीन माहौल
हीरो होंडा शोरूम पौड़ी के स्वामी देवेंद्र सिंह साहू ने बताया कि छात्रा की मां एक माह पहले स्कूटी खरीदने आई थी। वह बेटी के नाम से स्कूटी खरीदना चाहती थी, लेकिन बेटी की आईडी नहीं होने पर उन्होंने अपने नाम से स्कूटी खरीदी। कफोलस्यूं पट्टी के गांवों में ग्रामीणों ने शोक सभाएं की। छात्रा की मौत की खबर के बाद पट्टी के गांव शोक में डूब गए।