मकर संक्रांति से एक दिन पहले देश भर में लोहड़ी का त्योहार मनाया जाता है। इस साल मकर संक्रांति का त्योहार 14 नहीं बल्कि 15 जनवरी को मनाया जाएगा। ऐसे में लोगों को कंफ्यूजन है कि लोहड़ी 13 को मनाई जाएगी या 14 को। तो यहां दूर कीजिए अपना कंफ्यूजन और जारिए पूजा का शुभ समय...
ज्योतिषाचार्य पंडित गौरव आर्य के अनुसार, पंचांग की गणना से यह मालूम होता है कि 14 जनवरी की शाम 7 बजकर 50 मिनट पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे इसलिए 13 जनवरी को ही लोहड़ी मनाई जाएगी। लोहड़ी पूजन का शुभ मुहूर्त शाम में 5 बजकर 41 मिनट से 7 बजकर 4 मिनट तक होगा।
लोहड़ी मुख्य रूप से पंजाबियों का त्योहार माना जाता है। इसकी तैयारी लोहड़ी से कुछ दिन पहले ही शुरू हो जाती है। लोहड़ी में मूंगफली, गुड़, तिल और गजक का विशेष महत्व माना जाता है। लोहड़ी का त्योहार नवविवाहितों के लिए खास होता है। नव विवाहित जोड़ा इस दिन अग्नि में आहुति देते हुए उसके चारों ओर घूमता है और अपनी सुखी वैवाहिक जीवन की प्रार्थना करता है।
लोहड़ी के दिन अग्नि में तिल, गजक, मूंगफली, गुड़, रेवड़ी, खील, मक्का और गन्ना चढ़ाया जाता है। ऐसा करने के पीछे की मान्यता ये है कि अग्नि में आहुति देने से ये सब भगवान तक पहुंचता है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। साथ ही आहुति देने से घर में धन की कमी नहीं होती।
इस दिन दुल्ला भट्टी वाला को याद किया जाता है। मान्यता के अनुसार, मुगल काल में अकबर के दौरान दुल्ला भट्टी पंजाब में रहा करता था। कहा जाता है कि दुल्ला भट्टी ने पंजाब की लड़कियों की रक्षा की थी। इसलिए इस दिन बेटियों की सुरक्षा की कामना भी की जाती है।