भीमताल के जंगलियागांव ग्रामसभा से चार किमी दूर भोजनिया तोक में एक घर में तेंदुए के शावकों की घुसने की सूचना के बाद इन्हें देखने वालों का तांता लग गया।
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घर में घुसे तेंदुए के शावक, तस्वीरों को देखकर आपको भी इनसे हो जाएगा प्यार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीमताल (नैनीताल)
Updated Sat, 21 Apr 2018 07:19 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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वहीं इस सूचना के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया। गांव पहुंचे वन दरोगा ने दोनों को लेपर्ड कैट (जंगली बिल्ली) बताया। भोजनिया गांव निवासी प्रेम बल्लभ जोशी ने प्रधानपति प्रेम कुल्याल को फोन पर घर के गोट में दो शावकों के घुसने की जानकारी दी।
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इस पर वन दरोगा पूरन चंद्र पांडे टीम के साथ प्रेम बल्लभ के घर पहुंचे। वन दरोगा ने दोनों को देखकर लेपर्ड कैट (जंगली बिल्ली) बताया। वन दरोगा ने बताया कि दोनों को एक पेड़ के नीचे रख दिया है, ताकि इनकी मां उन्हें अपने साथ ले जा सके। कहा दोनों पर वन कर्मियों की निगाह रहेगी।
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भोजनिया तोक निवासी प्रेम बल्लभ की पत्नी बसंती देवी ने दोनों लेपर्ड कैट (जंगली बिल्ली) के बच्चों को सुबह से दोपहर तक तीन बार रुई के सहारे भैंस का दूध पिलाया। बसंती देवी ने बताया वह गेहूं की मढ़ाई कर रही थी। तभी बच्चों ने घर में शावकों के घुसने की सूचना दी। बसंती देवी ने कहा गांव में तेंदुए का आतंक बढ़ता जा रहा है। इस वजह से घर से बाहर निकलने में डर लग रहा है।
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2015 में बसंती देवी को तेंदुए ने किया था घायल
वर्ष 2015 में बसंती देवी पर जंगल में चारा काटते समय तेंदुए ने हमला कर दिया था। इसके बाद घायल बसंती देवी का इलाज हल्द्वानी में किया गया था। उस समय घायल बसंती देवी को वन विभाग की ओर से 15 हजार रुपये दिए गए थे।
वर्ष 2015 में बसंती देवी पर जंगल में चारा काटते समय तेंदुए ने हमला कर दिया था। इसके बाद घायल बसंती देवी का इलाज हल्द्वानी में किया गया था। उस समय घायल बसंती देवी को वन विभाग की ओर से 15 हजार रुपये दिए गए थे।