केदारनाथ से रामेश्वरम तक इन सात प्राचीन शिव मंदिरों से जुड़ा है पूरा भारत, तस्वीरें
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भारत के उत्तर में स्थित केदारनाथ और दक्षिण में स्थित रामेश्वरम के बीच सात प्राचीन शिव मंदिर हैं। इन मंदिरों को आपस में जोड़ने वाली खास बात जानकर आपको प्राचीन भारतीय मनीषियों के ज्ञान पर गर्व होगा। ये प्रसिद्ध सात शिव मंदिर एक ही लांगीट्यूड 79 पूर्व पर बने हुए हैं।
हजार से भी ज्यादा साल पहले बने इन मंदिरों के बारे में ये बात आश्चर्य वाली है कि सेटेलाइट जैसी टेक्नॉलॉजी के न होते हुए भी यह एक सीधी लाइन पर बनाए गए। ये मंदिर यौगिक गणना पद्धति के आधार पर बनाए गए हैं। आइए हम आपको बताते हैं कि इन प्राचीन मंदिरों के बारे में।
1- केदारनाथ मंदिर, उत्तराखंड- 79.0669° E लांगिट्यूड
भारत के उत्तर में चीन और नेपाल और तिब्बत सीमा से सटे राज्य उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में स्थित केदारनाथ मंदिर पूरी दुनिया में विख्यात है। यह द्वादश ज्योतिर्लिंगों से एक इस मंदिर को पांडवों ने स्थापित किया था और आदि शंकराचार्य ने पुनर्स्थापित किया था। हर साल यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यहां दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को 18 किमी पैदल चढ़ाई करनी पड़ती है। बर्फबारी के चलते सर्दियों में यहां श्रद्धालुओं को प्रवेश रोक दिया जाता है।
तेलंगाना राज्य के करीमनगर जनपद स्थित कालेश्वरम मंदिर में शिव मंदिर को त्रिलिंग देशम (तीन लिंगों की भूमि) के तीन मंदिरों में जाना जाता है। इस मंदिर की विशेषता यहां पर दो शिवलिंग का स्थित होना है। इन्हें शिव और यम का प्रतीक माना गया है। इस मंदिर को कालेश्वर मुक्तेश्वर स्वामी देवस्थानम के नाम से जाना जाता है।