केदारनाथ में मंदिर के पीछे भव्य पार्क का निर्माण किया जाएगा। करीब 200 मीटर लंबे व 80 मीटर चौड़े पार्क का डिजायन आर्किटेक्ट द्वारा शासन को सौंप दिया गया है। आने वाले समय में श्रद्धालु पार्क में बैठक जहां केदारपुरी की प्राकृतिक सौंदर्य को निहारेंगे। वहीं, अपनी थकान भी मिटा सकेंगे।
बदलेगा केदारनाथ मंदिर का स्वरूप, देखकर खिल जाएगा श्रद्धालुओं का मन
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बीते पांच वर्ष से पुनर्निर्माण के दौर से गुजर रहे केदारनाथ धाम को भव्य और मजबूत बनाया जा रहा है। मंदिर परिसर व मंदिर मार्ग के विस्तार के साथ ही मंदाकिनी नदी पर आस्था पथ बन चुका है। सरस्वती नदी किनारे भी दिव्यांग यात्रियों के लिए मंदिर तक पहुंचने के लिए आस्था पथ बनाया जा रहा है।
इधर, बीते दो माह से मंदिर के पीछे आदिगुरू शंकराचार्य की समाधी का पुनर्निर्माण के लिए खुदाई की जा रही है। इसके बाद यहां भव्य पार्क भी बनाया जाएगा। समाधी स्थल के पीछे से आरसीसी वॉल तक बनने वाले इस पार्क में बुग्याली घास उगाई जाएगी, जिससे पूरे यात्राकाल में हरियाली बनी रहेगी। साथ ही चारों तरफ रंग-बिरंगे फूलों के गमले लगाए जाएंगे। पार्क के चारों तरफ एक समान दूरी पर झूले व बेंच लगेंगे, जिससे बाबा केदार के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालु यहां समय बिता सके।
पार्क की खूबसूरती में 16/17 जून 2013 की आपदा में आए विशालकाय बोल्डर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन बोल्डरों को अलग-अलग जगहों पर रखकर उन पर भगवान शिव के अनेक रूपों की आकृतियां उकेरी जाएंगी। इसके अलावा यहां लघु ब्रह्वाटिका की स्थापना भी की जाएगी, जिसमें ब्रह्मकमल के फूल उगाए जाएंगे। विदित हो कि 20 अक्तूबर 2017 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ धाम में सात सौ करोड़ की पांच योजनाओं को शिलान्यास किया था, जिसमें पार्क भी शामिल है। पार्क निर्माण का उद्देश्य मंदिर में भीड़ को कम रखते हुए भक्तों को केदारपुरी के सौंदर्य से रूबरू करना है।
केदारनाथ मंदिर के पीछे से आदिगुरू शंकराचार्य के समाधी स्थल के पुनर्निर्माण के बाद आरसीसी वॉल तक भव्य पार्क का निर्माण किया जाना है। इसके लिए कागजी कार्रवाई लगभग पूरी हो चुकी है। समाधी स्थल का कार्य पूरा होते ही पार्क निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। साथ ही इस क्षेत्र में ब्रह्मवाटिका भी तैयार की जाएगी।
- मंगेश घिल्डियाल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग