फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Kargil Vijay Diwas: शहीदों की शहादत की कद्र नहीं, कहीं शिलापट गायब तो कहीं मिट गए निशान, तस्वीरें

Tue, 26 Jul 2022 03:39 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 26 Jul 2022 03:39 PM IST
विज्ञापन
Kargil Vijay Diwas 2022: Martyrs Memorial Negligence in Dehradun
शिलापट का बुरा हाल - फोटो : अमर उजाला

कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) पर हर वर्ष शहादत देने वालों की वीरता को नमन किया जाता है, लेकिन दून में ही शहादत की उपेक्षा भी की जा रही है। शहीदों की स्मृतियों को जिंदा रखने के लिए जो शिलापट्ट, शहीद द्वार और सड़कों का नामकरण हुआ, उपेक्षित पड़े हुए हैं। कहीं शिलापट्ट गायब हैं, तो कहीं शहीद के नाम पर बनी सड़क की हालत खस्ता है। शहीद द्वारों पर भी राजनीतिक पार्टियों के बैनर टंगे हुए हैं।



कारगिल युद्ध में दून के 26 जांबाजों ने शहादत थी, जिनमें मेजर विवेक गुप्ता, स्क्वाड्रन लीडर राजीव पुंडीर, राइफलमैन विजय भंडारी, नायक मेख गुरुंग, राइफलमैन जयदीप भंडारी, नरपाल सिंह, सिपाही राजेश गुरुंग, नायक हीरा सिंह, कश्मीर सिंह, देवेंद्र सिंह, शिवचराण आदि थे। इनकी स्मृतियों को जिंदा रखने के लिए तत्कालीन सरकार ने कई जगह शिलापट्ट लगाने के साथ ही चौक-चौराहों के नाम शहीदों के नाम पर रखे हैं। इसके अलावा कई जगह शहीद द्वार बनाए, लेकिन कई जगहों पर शहीदों के नाम के शिलापट्ट गायब हैं। 

Kargil Vijay Diwas 2022: Martyrs Memorial Negligence in Dehradun
देहरादून में शहीद द्वार - फोटो : अमर उजाला

शहीदों के परिजनों के लिए केंद्र के साथ ही राज्य सरकार ने कई वादे किए थे, पर 23 साल बाद भी अधिकांश वादे फाइलों में ही कैद हैं। शहीदों के परिजनों के लिए लंबे समय से लड़ाई लड़ने वाले केशर जन कल्याण समिति के अध्यक्ष एडवोकेट एनके गुंसाई कहते हैं कि जिन प्रहरियों की बदौलत आज हम चैन की नींद सोते हैं, उनकी शहादत के दो दशक से अधिक के बाद भी सरकारों की ओर से उनके सम्मान में की गई घोषणाएं धरातल पर नहीं उतार पाई है। अभी तक न तो शहीद परिवारों को शहरी क्षेत्र में मकान में प्लाट और ग्रामीण क्षेत्र में पांच बीघा जमीन आवंटित हो पाई है।

Kargil Vijay Diwas 2022: Martyrs Memorial Negligence in Dehradun
देहरादून में शहीद द्वार - फोटो : अमर उजाला

 वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में भी उत्तराखंड के जांबाज सबसे आगे खड़े मिले। कारगिल युद्ध में उत्तराखंड के 75 जवानों ने देश रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहूति दी थी। इनमें 37 जवान ऐसे थे, जिन्हें युद्ध के बाद उनकी बहादुरी के लिए पुरस्कार भी मिला था। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Kargil Vijay Diwas 2022: Martyrs Memorial Negligence in Dehradun
देहरादून में शहीद द्वार के पिलर का बुरा हाल - फोटो : अमर उजाला

कारगिल युद्ध में उत्तराखंड के वीर
महावीर चक्र विजेता :
 मेजर विवेक गुप्ता, मेजर राजेश अधिकारी।
वीर चक्र विजेता : कश्मीर सिंह, बृजमोहन सिंह, अनुसूया प्रसाद, कुलदीप सिंह, एके सिन्हा, खुशीमन गुरुंग, शशि भूषण घिल्डियाल, रुपेश प्रधान और राजेश शाह।
सेना मेडल विजेता : मोहन सिंह, टीबी क्षेत्री, हरि बहादुर, नरपाल सिंह, देवेंद्र प्रसाद, जगत सिंह, सुरमान सिंह, डबल सिंह, चंदन सिंह, मोहन सिंह, किशन सिंह, शिव सिंह, सुरेंद्र सिंह और संजय।
मेन्स इन डिस्पैच : राम सिंह, हरि सिंह थापा, देवेंद्र सिंह, विक्रम सिंह, मान सिंह, मंगत सिंह, बलवंत सिंह, अमित डबराल, प्रवीण कश्यप, अर्जुन सेन, अनिल कुमार।

विज्ञापन
Kargil Vijay Diwas 2022: Martyrs Memorial Negligence in Dehradun
देहरादून में शहीद स्मारक - फोटो : अमर उजाला
किस जनपद से कितने शहीद
जनपद      शहीद 
देहरादून      28
पौड़ी           13
टिहरी          08
नैनीताल       05
चमोली         05
अल्मोड़ा       04
पिथौरागढ़      04
रुद्रप्रयाग       03
बागेश्वर         02
ऊधमसिंह नगर  02
उत्तरकाशी      01
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed