भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि दीवारों पर नहीं हमें लोगों के दिलों में छाप छोड़नी होगी। सियासत का अंदाज बदल गया है। पार्टी में चरण वंदना और नारेबाजी से आगे बढ़ना संभव नहीं है। जो व्यक्तिवादी राजनीति करेगा, वो अलग-थलग पड़ जाएगा। सभी को संगठनवादी सोच बनानी होगी। नड्डा ने ये नसीहत पार्टी पदाधिकारियों, सांसदों और विधायकों की बैठकों में दी।
राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में वे उत्तराखंड में पहली बार पार्टी नेताओं से संवाद कर रहे थे। हालांकि उन्होंने कहा, ‘उत्तराखंड मेरे लिए नया नहीं हैं, मैं चुनाव प्रभारी रहा और यहां बैठे एक-एक चेहरे को पहचानता हूं।’ करीब एक घंटे का उनका संबोधन सांगठनिक गतिविधियों और उनके संचालन में पार्टी नेताओं की सक्रिय भूमिका पर केंद्रित रहा। इससे पूर्व पार्टी कार्यालय में पहुंचने पर प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, प्रदेश संगठन महामंत्री अजय कुमार व प्रदेश महामंत्री खजानदास ने उनका स्वागत किया।
नड्डा एक खुले वाहन में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट, मेयर सुनील उनियाल गामा के साथ पार्टी कार्यालय पहुंचे थे। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों ने उन्हें पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिव प्रकाश और आंध्रप्रदेश के पूर्व संगठन महामंत्री गोविंद राजू भी नड्डा के साथ देहरादून पहुंचे थे। अपने भाषण में नड्डा ने कुछ खास बातें कहीं, जो इस तरह हैं।
नड्डा ने पार्टी में विभिन्न पदों पर बैठे नेताओं को साफ कर दिया कि जिम्मेदारी मिली है तो परफार्म भी करना होगा। हर नेता और कार्यकर्ता संगठन की निगेहबानी में है। पद एक जिम्मेदारी है, इसलिए जिस समय ये दायित्व मिलता है, उस पर अपना श्रेष्ठतम देने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि कोई किसी का कितना भी करीबी क्यों न हो, अब बगैर परफारमेंस के आगे नहीं बढ़ पाएगा। उन्होंने कहा कि नेताओं और कार्यकर्ताओं को जो जिम्मेदारी दी गई है, उस पर इस ढंग से काम करना चाहिए कि छाप छूट जाए। जब आप पद पर भी नहीं रहें, तब भी याद किए जाएं। क्योंकि पद अस्थायी है, लेकिन इम्पैक्ट स्थायी है। पद तो आते जाते हैं। आज हम पदों पर हैं, कल पूर्व हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि हर नेता और कार्यकर्ता को अपना इंटरनल ऑडिट करना चाहिए। अपनी खूबियों को ही नहीं, कमजोरियों को भी पहचानने की कोशिश करें। उन्हें ठीक करें। उन्होंने समय प्रबंधन की भी सीख दी। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी का उदाहरण दिया कि उनकी उनकी दिनचर्या सुबह तड़के शुरू हो जाती है और हर वक्त वे पूरी तैयारी से होते हैं। उन्होंने कहा कि कम से कम समय में अधिक से अधिक डिलीवरी देने की आदत बनाएं।