जोशीमठ में लगातार बढ़ रही दरारें प्रशासन के लिए चुनौती बढ़ा रही है। जहां उनके सामने लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, पुनर्वास की चुनौती है तो वहीं लगातार धंसते जोशीमठ को बचाने की भी समस्या है। सरकार जोशीमठ को बचाने और लोगों को भी तत्कालिक राहत देने की बात तो कर रही है, लेकिन यहां आश्वासन पर लोगों का आक्रोश थम नहीं रहा है। एनटीपीसी के टनल में तकनीकी विशेषज्ञ टीम पहुंच गई है।
Joshimath: आक्रोशित महिलाओं ने रोका टीम का रास्ता, छलका दर्द, बोलीं- विकास चाहिए विनाश नहीं, देखें Video
सवाल: रिहेब पर लोग आरोप लगा रहे हैं कि रात को सोने को कहते हैं और सुबह को अपने घर जाने को कहा जाता है।
जवाब: ऐसा नहीं है। हम उन्हें पूरी सुविधा दे रहे हैं। इसके लिए टीम बनाई गई है। खाने की भी सुविधा दी जा रही है। हम प्रयास कर रहे हैं।
जवाब: वह ट्रीटमेंट ही होगा। हमारी विशेषज्ञ टीम उसके रास्ते तलाश रही है। उसके लिए आगे काम किया जाएगा।
सवाल: लेकिन जब तक पानी का मूल स्त्रोत नहीं ढूंढ पाएंगे, तब तक क्या होगा?
जवाब: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी(एनआईएच) की जो टीम आई है, उनके पास अत्याधुनिक उपकरण हैं, जिससे जल्द पता चल जाएगा।
सवाल: इसमें कितना समय लग जाएगा।
जवाब: सर्वे चल रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही नतीजा मिलेगा।