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Joshimath Is Sinking: 'देवी स्थान छोड़ने को तैयार नहीं, मैं इनके बिना नहीं जाऊंगा... सामने आया ये अनोखा मामला

Tue, 10 Jan 2023 04:53 PM IST
रेनू सकलानी प्रदीप भंडारी,संवाद न्यूज एजेंसी, जोशीमठ
प्रदीप भंडारी,संवाद न्यूज एजेंसी, जोशीमठ Published by: रेनू सकलानी Updated Tue, 10 Jan 2023 04:53 PM IST
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Joshimath Sinking Devi is not ready to leave place victim said I'll not go without her unique case came
जोशीमठ में देवी का स्थान छोड़ने को तैयार नहीं प्रभावित। - फोटो : अमर उजाला

आदि गुरु शंकराचार्य की तपस्थली जोशीमठ में आई आपदा से लोग गमजदा हैं। प्रशासन असुरक्षित घरों से लोगों को राहत शिविरों में पहुंचा रहा है। पुरखों की ओर से बनाए और अपनी जमा पूंजी लगाकर खड़े किए सपनों के घरों को छोड़ते समय लोग भावुक हो रहे हैं। भारी मन से घर का सामान कंधे पर रखकर लोग शिविरों की ओर रुख कर रहे हैं। लोगों के मन में यह सवाल कौंद रहा है कि आखिर हमको किस गुनाह की सजा मिल रही है। 



भू-धंसाव से नगर के सैकड़ों मकानों में दरारें आने से वे असुरक्षित घोषित कर दिए गए हैं। लोग घरों में बने मंदिरों को भी अपने साथ शिफ्ट कर रहे हैं, लेकिन मनोहर बाग वार्ड में कुल देवी अपने मूल स्थान से शिफ्ट होने को तैयार नहीं हैं। यहां रहने वाले चंद्र बल्लभ पांडे के घर में बने कुलदेवी के मंदिर में भी बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं।



चंद्र बल्लभ ने मकान छोड़ दिया है वे प्रशासन के राहत शिविर में चले गए हैं। वह हर दिन मंदिर में पूजा करने आते हैं। उनका कहना है कि उन्होंने मंदिर से देवी को भी शिफ्ट करने की कोशिश की लेकिन देवी अपने मूल स्थान को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं।

Joshimath Sinking Devi is not ready to leave place victim said I'll not go without her unique case came
जोशीमठ - फोटो : अमर उजाला

वह कई बार कोशिश कर चुके हैं। जैसे ही वे मंदिर से मूर्ति को उठाने का प्रयास करते हैं देवी उन्हें धक्का दे देती हैं। इसलिए वह हर दिन यहां पूजा करने के लिए आते हैं। उनका कहना है कि यहां देवी में बड़ी शक्ति है। लोग दूर दराज से यहां पूजा करने के लिए आते हैं। 

Joshimath Sinking Devi is not ready to leave place victim said I'll not go without her unique case came
पीड़ित परिवार - फोटो : अमर उजाला

कुछ दिनों पहले तक जिन मकानों में चहल पहल रहती थी, लोग सुख-दुख को आस पड़ोस में बांटकर साझा करते थे वे बड़ी-बड़ी दरारों में तब्दील होकर वीरान होने लगे हैं। जिन घरों को प्रशासन ने असुरक्षित घोषित कर दिया है वहां रहने वाले लोग अब अपने घर छोड़कर शिविर में जा रहे हैं। मनोहर बाग वार्ड में रहने वाली उत्तरा देवी के मकान को प्रशासन ने असुरक्षित घोषित कर लाल निशान लगा दिए।

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Joshimath Sinking Devi is not ready to leave place victim said I'll not go without her unique case came
सामान लेकर निकले लोग - फोटो : अमर उजाला

सोमवार को उन्हें प्रशासन ने राहत शिविर में शिफ्ट करवा दिया लेकिन घर को छोड़ते वक्त उत्तरा देवी के आंखों में आंसू छलक गए। वह काफी देर तक घर के आंगन की सीढ़ियों पर उदास बैठी रहीं। लोगों के समझाने पर वह सामान लेकर शिविर में चली गईं। यह कहानी हर उस परिवार की है जिनको राहत शिविरों में शिफ्ट कर दिया गया है या किया जा रहा है।

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Joshimath Sinking Devi is not ready to leave place victim said I'll not go without her unique case came
देवी मंंदिर - फोटो : अमर उजाला

वहीं सिंहधार वार्ड की रहने वाली मंदोदरी देवी, गोदांबरी देवी, हेमलता देवी नगर पालिका के सभागार में पहले ही शिफ्ट हो चुकी हैं लेकिन घर के बारे में बात करते ही उनकी आंखों से आंसू छलक रहे हैं। उनका कहना है कि घर वीरान पड़े हैं और वे शिविरों में जीवन गुजार रहे हैं। 

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