जोशीमठ नगर में हो रहे भू-धंसाव से ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। स्थिति यह है कि नगर में हर आधे किमी पर हाईवे धंसा हुआ है। हालांकि बीआरओ दरारों को भरने में लगा है लेकिन कई जगह पर दरारों से हाईवे का नक्शा ही बदल गया है।
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बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सामरिक दृष्टि के साथ बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। हाईवे जोशीमठ से मारवाड़ी पुल तक करीब छह किमी के क्षेत्र में हर आधे किमी में धंस रहा है। जोशीमठ में होटल माउंट व्यू के पास से हाईवे पर दरारें आई हुई हैं।
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बदरीनाथ हाईवे पर भरी जा रही दरारें
- फोटो : अमर उजाला
यहां से 200 मीटर आगे स्टेट बैंक के पास व लोनिवि गेस्ट हाउस के नीचे, यहां से आधा किमी आगे उत्तर रेलवे के पास व गढ़वाल स्काउट के पास, जीरो बैंड के पास, मारवाड़ी में जेपी कॉलोनी के समीप, बीआरओ कार्यालय के पास, वन विभाग की चौकी के पास और जेपी स्टोर के पास हाईवे का एक हिस्सा धंसा हुआ है।
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बदरीनाथ हाईवे पर भरी जा रही दरारें
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वहीं बीआरओ के कमांडर मनीष कपिल ने बताया कि हाईवे पर कार्य लगातार जारी है। जहां पर भी हाईवे धंस रहा है या दरारें आ रही हैं उनको ठीक किया जा रहा है। वहीं, बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मारवाड़ी पुल के पास जेपी स्टोर के नीचे की दीवार पर गहरी दरारें आई हैं।
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जोशीमठ में दीवार पर दरारें
- फोटो : अमर उजाला
यह दीवार गिरी तो यहां पर हाईवे बंद हो सकता है। यहां पर कुछ दिनों से दीवार पर दरार आने से उसका एक हिस्सा धंसने के कगार पर पहुंच गया है। बीआरओ ने भी यहां पर सुरक्षा की दृष्टि से हाईवे के इस हिस्से को कवर कर लिया है, ताकि वाहन दीवार के नीचे से न गुजरें।
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हेलंग-मारवाड़ी बाईपास निर्माण
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, बदरीनाथ हाईवे के विकल्प के तौर पर सामारिक लिहाज से अति महत्वपूर्ण व चर्चित हेलंग-मारवाड़ी बाईपास पर काम आगे बढ़ेगा या नहीं ये एक हफ्ते में पता चल जाएगा। राज्य सरकार व सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने आईआईटी रुड़की को जांच कर सात दिन के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है।