मां को देखकर ढाई साल की काश्वी ऑनलाइन योग के गुर सीख रही है। प्रशिक्षक भी नन्ही काश्वी के योगासन सीखने की ललक और निपुणता देखकर हैरान हैं। बनियावाला निवासी कंचन बेलवाल की ढाई साल की बेटी काश्वी बेलवाल भुजंगासन, अश्वसंचालन, उद्यगीत प्राणायाम, भस्त्रिका प्राणायाम करने में निपुण हो गई है।
प्रशिक्षक काजल बताती हैं कि बीते दो साल से कंचन उनसे योग सीख रही है। काश्वी भी अब कई आसन सीख चुकी है और आसनों के नाम भी बोलने लगी है। काश्वी बहुत तेजी से आसन सीखती है। कोरोना काल ने लोगों को योग का महत्व समझाया है। यही कारण है कि योगा केंद्र बंद होने पर ऑनलाइन माध्यम से ही लोगों में योगा सीखने का रुझान बढ़ा है।
बच्चे, बड़े सभी अब अपने जीवन में योग को शामिल कर रहे हैं। खास बात यह है कि महिलाएं भी अब ऑनलाइन योग सीख रही हैं। प्रशिक्षकों का भी मानना है कि अब लोग योग के प्रति गंभीर हुए हैं। इसलिए योगा सेंटर बंद होने पर भी लोग ऑनलाइन जुड़कर योग सीख रहे हैं।
कोरोना के चलते सेंटर बंद होने पर ऑनलाइन योगा सिखाना शुरू किया
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नन्ही काश्वी के योगासन
- फोटो : अमर उजाला
आयुष विभाग ने 21 जून को सातवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां शुरू कर दी है। इस बार कोरोना महामारी के कारण योग दिवस वर्चुअल होगा। उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय हर्रावाला में योग दिवस कार्यक्रम होगा।
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इसमें मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत प्रदेश भर से एक हजार लोगों से वर्चुअल जुड़ेंगे। आयुष विभाग की ओर से उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। इसके लिए विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है।
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इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत शिरकत करेंगे। आयुर्वेद विभाग के निदेशक डा. एमपी सिंह ने बताया कि इस बार सातवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा।
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कोरोना महामारी के कारण कार्यक्रम में सीमित संख्या रहेगी। प्रदेश भर से एक हजार लोग वर्चुअल कार्यक्रम से जुड़ेंगे। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में योगाभ्यास के साथ ही योग के महत्व की जानकारी दी जाएगी।