अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर कुश्ती में उत्तराखंड का का नाम ऊंचा करने वाले ऋषिकेश निवासी युवा अंतरराष्ट्रीय पहलवान लाभांशु शर्मा जल्द ही उत्तराखंड में एक कुश्ती एकेडमी खोलने वाले हैं। इसके पीछे उन्होंने यह खास वजह भी बताई है। लाभांशु आजकल न्यूजीलैंड में कुश्ती का अभ्यास कर रहे हैं।
लाभांशु को वहां पर अभ्यास करने के लिए कुछ दिनों पहले न्यूजीलैंड कुश्ती फेडरेशन ने बुलाया था। न्यूजीलैंड कुश्ती फेडरेशन के ऑफर को स्वीकार कर लाभांशु 11 जनवरी से वहां हैं। उन्होंने फोन पर बातचीत में कहा कि दूसरे देश में जाकर कोचिंग देने का कोई मतलब नहीं बनता। पैसे कम मिले या ज्यादा ये मायने नहीं रखता बल्कि जरूरी यह है कि हमारे देश को किस चीज से फायदा होगा।
अगर मैं अपने देश में एकेडमी खोलता हूं तो वहां के बच्चों को इससे फायदा होगा। कहा कि हमारे देश और उत्तराखंड को इसका फायदा मिलेगा। उन्होंने बताया कि न्यूजीलैंड से जल्दी ही ट्रेनिंग खत्म करके वापस आकर वे उत्तराखंड में एक कुश्ती का अखाड़ा खोलेंगे।जिससे पहाड़ के युवाओं को कुश्ती के गुर सीखने का मौका मिलेगा।
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गोल्ड मेडल विजेता लाभांशु शर्मा।
- फोटो : amar ujala
उनका कहना है कि क्योंकि पहाड़ में एक भी अखाड़ा नहीं है और युवा कुश्ती के खेल से वंचित रह जाते हैं इसलिए यह उनके लिए होगा। जिससे युवा और मजबूत होगा। बता दें कि लाभांशु अब तक राज्य स्तर कुश्ती में 15 स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।
वे राष्ट्रीय स्तर पर 8 स्वर्ण पदक जीत चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो स्वर्ण पदक जीत चुके हैं लाभांशु ने पिछले वर्ष जर्जिया में 20 टन का ट्रक खींचकर यूनिक वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी अपना नाम दर्ज करवाया है। इसके साथ ही उन्हें महामहिम राष्ट्रपति और माननीय प्रधानमंत्री से भी वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।