रसोई गैस से जुड़ी यह खबर जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। जानिए क्या है यह नई खबर..
गरीब तक रसोई गैस पहुंचाने में उत्तराखंड के गैस उपभोक्ता दरियादिली दिखा रहे हैं। इस नेक काम में दून के उपभोक्ता अव्वल हैं। वहीं गैस सब्सिडी त्यागने में हरिद्वार जिला दूसरे और ऊधम सिंह तीसरे स्थान पर रहे।
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- फोटो : amar ujala
प्रदेश में तीनों गैस कंपनियों के करीब 18 लाख कनेक्शन धारक हैं। इनमें से एक लाख 46 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने सब्सिडी छोड़ दी है। वर्ष-2015 में केंद्र की भाजपा सरकार ने गरीब की रसोई में गैस जोड़ने के मकसद से गिव इट अप योजना शुरू की थी। इसके तहत सरकार ने आर्थिक रूप से सक्षम गैस उपभोक्ताओं से गैस सब्सिडी छोड़ने की अपील की थी।
सरकार इसका व्यापक रूप से प्रचार प्रसार कर रही है। सरकार की इस पहल का काफी असर प्रदेश के गैस उपभोक्ताओं पर पड़ा है। उत्तराखंड में इंडेन, बीपी व एचपी गैस कंपनियों के 18 लाख के करीब गैस कनेक्शन हैं।
योजना शुरू होने के बाद से प्रदेश के एक लाख 46 हजार से अधिक गैस उपभोक्ताओं ने सब्सिडी छोड़ दी है। इस मामले में देहरादून के उपभोक्ता पहले स्थान पर हैं। दून के 38 हजार से अधिक उपभोक्ता गैस सब्सिडी त्याग चुके हैं।