ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के आखिरी दिन होली खेली गई। ड्रमवादक शिवमणि के ड्रम की थाप, सूफी गायिका रूना रिज़वी शिवमणि की रूहानी आवाज ने जादू बिखेरा। इस दौरान रंग बरसे भीगे चुनरवाली...रंग बरसे गीत पर विदेशी साधक जमकर थिरके। विदेशियों ने फूलदेई के त्योहार पर फूलों की होली भी खेली।
योग महोत्सव के अंतिम दिन 75 देशों से आए 1400 योग जिज्ञासुओं और 25 देशों से आए 65 योगाचार्यों ने उत्तराखंड के लोक संस्कृति के लोकपर्व फूलदेई पर जमकर फूलों की होली खेली, उसके बाद सभी ने गंगा स्नान किया।
International Yoga Festival 2024: ऋषिकेश में कल से बहेगी योग की गंगा, 700 से ज्यादा साधकों ने कराया पंजीकरण
2 of 5
परमार्थ निकेतन में मनाई होली
- फोटो : अमर उजाला
विश्व प्रसिद्ध तालवादक, ड्रमवादक शिवमणि और सूफी गायिका रिजवी शिवमणि ने होली के गीत गाए। जिसका विदेशियों ने जमकर आनंद लिया। इस दौरान परमार्थ निकेतन का पूरा प्रांगण ढोल की थापों से गुंजायमान हो गया।
3 of 5
परमार्थ निकेतन में मनाई होली
- फोटो : अमर उजाला
इस मौके पर स्वामी चिदानंद सरस्वती ने सभी प्रतिभागियों के माथे पर चंदन का तिलक लगाया। फूलों की वर्षा कर हरित संदेश प्रसारित करने का संदेश दिया। पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण भी समारोह में शामिल हुए।
4 of 5
परमार्थ निकेतन में मनाई होली
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि शरीर, मन और आत्मा को स्वस्थ रखने के लिये योग के साथ आयुर्वेद युक्त जीवन शैली अपनाना अत्यंत आवश्यक है। साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि भारत का प्रत्येक पर्व एक संदेश देता है।
5 of 5
परमार्थ निकेतन में मनाई होली
- फोटो : अमर उजाला
चाहे वह प्रकृति के संरक्षण का हो, परिवार के संरक्षण का हो या संस्कारों के संरक्षण का हो। इस अवसर पर स्वामी जयंत सरस्वती, योगाचार्य डॉ. इंदु शर्मा, योगाचार्य एरिका कॉफमैन, संस्थापक योगाचार्य आनंद मेहरोत्रा,प्रेम बाबाजी आदि उपस्थित रहे।