हरिद्वार में गुरुवार शाम को हरिद्वार-लक्सर ट्रैक पर जमालपुर फाटक के पास ट्रायल के दौरान चार युवकों की मौत के बाद शुक्रवार सुबह लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। रेलवे के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सैकड़ों लोग जमालपुर फाटक पर पहुंचे और रेलवे ट्रैक पर कब्जा कर लिया। लोगों का कहना था कि इस पूरे हादसे के लिए रेलवे के अधिकारी जिम्मेदार हैं और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। रेलवे के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने सहित कई मांगों को मानने का आश्वासन के बाद ही लोगों ने ट्रैक से धरना खत्म किया।
2 of 9
हरिद्वार में ट्रेन से कटकर युवकों की मौत के बाद लोगों ने रेलवे ट्रैक किया जाम
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि हरिद्वार-लक्सर रेलवे ट्रैक को डबल लेन बनाया गया है। गुरुवार को रेलवे के अधिकारियों ने दिन में निरीक्षण करने के बाद ट्रायल के लिए इस ट्रैक पर ट्रेन चलाई। स्पेशल ट्रेन को पहले लक्सर से हरिद्वार तक चलाया गया। शाम को स्पेशल ट्रेन हरिद्वार से वापस दिल्ली जा रही थी। शाम को इस नए ट्रैक पर ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के सीतापुर गांव के चार युवक बैठे थे। 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही ट्रायल ट्रेन की चपेट में आकर चारों की मौत हो गई थी।
3 of 9
रेलवे ट्रैक पर जमा भीड़
- फोटो : अमर उजाला
गुरुवार को भी लोगों ने मौके पर पहुंचकर हंगामा किया था, लेकिन रात होने के कारण ज्यादा लोग नहीं जुट पाए। शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे बड़ी संख्या में सीतापुर के लोग जमालपुर फाटक पर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए ट्रैक पर धरने पर बैठ गए। लोगों में इस बात को लेकर गुस्सा था कि आखिर रेलवे की तरफ से ट्रायल की सूचना पहले क्यों नहीं दी गई। ट्रेन की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा क्यों रखी गई।
4 of 9
रेलवे ट्रैक पर धरने पर बैठे लोग
- फोटो : अमर उजाला
रेलवे ट्रैक पर लोगोें के धरने पर बैठने की सूचना मिलते ही लक्सर विधायक संजय गुप्ता, हरिद्वार ग्रामीण विधायक स्वामी यतीश्वरानंद और रानीपुर विधायक आदेश कुमार चौहान व भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. जयपाल सिंह चौहान लोगों के समर्थन में धरनास्थल पर पहुंच गए। धरने पर बैठे लोग रेलवे के साथ ही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे।
5 of 9
हरिद्वार में रेलवे ट्रैक पर धरने पर बैठे लोग
- फोटो : अमर उजाला
ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोगों ने उनकी एक नहीं सुनी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक नगर कमलेश उपाध्याय, एसपी रेलवे मंजूनाथ टीसी, आरपीएफ के अधिकारी और एसएसपी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस भी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। इस बीच रेलवे के कुछ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। रेलवे अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और कुछ मांगाें को मानने के बाद दोपहर एक बजे लोगों ने ट्रैक को खाली किया।