फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

महाकुंभ 2021: देश के तीसरे सबसे बड़े महानिर्वाणी अखाड़े ने रखी थी नागा परंपरा की नींव, पढ़ें इससे जुड़ी रोचक बातें...

Tue, 09 Mar 2021 01:20 PM IST
अलका त्यागी जितेंद्र जोशी, अमर उजाला, हरिद्वार
जितेंद्र जोशी, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 09 Mar 2021 01:20 PM IST
विज्ञापन
Haridwar Kumbh Mela 2021: Mahanirvani Akhara laid foundation of Naga tradition, Know Interesting Facts
हरिद्वार में पेशवाई - फोटो : अमर उजाला

श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी देश का तीसरा सबसे बड़ा अखाड़ा है। ऐसा माना जाता है कि अखाड़े के इष्टदेव गुरु कपिल मुनि महाराज ने नागा परंपरा की शुरुआत की थी। यही नहीं मुगल शासकों से देश को आजाद कराने के लिए अखाड़े के संन्यासियों ने जंग भी लड़ी और राजाओं की मदद की। श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी ही पहला अखाड़ा था जिसने महिला सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पहली महिला महामंडलेश्वर का पट्टाभिषेक किया था।     



महाकुंभ 2021: तीर्थनगरी हरिद्वार में 10 अप्रैल से भीड़ बढ़ने की उम्मीद, होटलों में हुई बंपर एडवांस बुकिंग

सनातन धर्म के प्रचार और प्रसार में आदिशंकराचार्य ने ज्योतिर्मठ बदरिकाश्रम, शृंगेरी पीठ, द्वारिका शारदा पीठ और पुरी गोवर्धन पीठ की स्थापना की थी। इन पीठों की रक्षा के लिए वैदिक हिन्दू पंरपरा के 13 अखाड़ों का गठन किया गया था। इन अखाड़ों में सबसे पुराना अखाड़ा श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी है। श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने बताया विक्रम संवत 805 में महानिर्वाणी अखाड़े की स्थापना की गई थी।

कुंभ मेला 2021: रथों पर सवार महिला महामंडलेश्वरों ने पेशवाई में लगाए चार चांद, शाही अंदाज देखने को उमड़ी भीड़, तस्वीरें...

बताया कि बिहार के हजारीबाग जिले में गडकुंडा में सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में महानिर्वाणी अखाड़े का गठन हुआ। 

Haridwar Kumbh Mela 2021: Mahanirvani Akhara laid foundation of Naga tradition, Know Interesting Facts
हरिद्वार में पेशवाई के दौरान जटाएं दिखाते नागा साधु - फोटो : अमर उजाला

उन्होंने कहा कि जब मुगल काल में हिन्दुओं पर अत्याचार बढ़ा तो अखाड़े के संन्यासियों को भी हथियार उठाने पड़े। अखाड़े के संन्यासियों ने युद्धों में कई बार मुगल सेना को हराया। हिन्दू धर्म के संरक्षण के लिए अखाड़ों ने राजाओं की मदद भी की थी। 

Haridwar Kumbh Mela 2021: Mahanirvani Akhara laid foundation of Naga tradition, Know Interesting Facts
kumbh mela, kumbh, haridwar kumbh - फोटो : अमर उजाला

महाकालेश्वर की पूजा की जिम्मेदारी श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के पास ही है। पहले प्रयागराज और वाराणसी अखाड़े के प्रमुख केंद्र रहे। इसके बाद हरिद्वार को अखाड़े ने अपना केंद्र बनाया। नासिक में भी अखाड़े के केंद्र हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Haridwar Kumbh Mela 2021: Mahanirvani Akhara laid foundation of Naga tradition, Know Interesting Facts
kumbh mela, kumbh, haridwar kumbh - फोटो : अमर उजाला

अखाड़े के महामंडलेश्वर आजीवन पद पर बने रहते हैं। आचार्य महामंडलेश्वर का चुनाव प्रमुख संत और महामंडलेश्वर करते हैं। अखाड़े में सचिव, श्रीमहंत, महंत, कोठारी और थनपति पांच पद प्रमुख होते हैं। ये पंचेश्वर कहलाते हैं। अखाड़े में किसी भी पद लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुनाव किया जाता है।   

विज्ञापन
Haridwar Kumbh Mela 2021: Mahanirvani Akhara laid foundation of Naga tradition, Know Interesting Facts
हरिद्वार में पेशवाई - फोटो : अमर उजाला

अखाड़े के पास शक्ति स्वरूप कहे जाने वाले दो भाले हैं। इन भालों का नाम भैरव प्रकाश और सूर्य प्रकाश है। भालों को मंदिर के अंदर इष्ट देव के पास रखा जाता है। पेशवाई और शाही स्नान में दो संत भालों को इष्टदेव के साथ चलते हैं। श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी प्रकृति प्रेमी अखाड़ा है। अखाड़े में आज भी संतों का भोजन बनाने के लिए लकड़ी और गोबर के कंडों का प्रयोग होता है।  

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed