श्रावण मास शुरू होने के साथ ही बम-बम भोले के उद्घोष एवं जयकारे से कांवड़ पटरी गूंज उठी है। तीर्थनगरी हरिद्वार में हाथों में रंग बिरंगी कांवड़ लिए श्रद्धालु भोले की भक्ति में कदमताल कर रहे हैं।
मंगलवार से शुरू हुई कांवड़ यात्रा में हरिद्वार में पूजा अर्चना के बाद गंगाजल लेकर श्रद्धालु विभिन्न स्थानों की ओर रवाना हो रहे हैं। कांवड़ में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से हर वर्ष लाखों की संख्या में कांवड़िए हरिद्वार पहुंचते हैं।
हरिद्वार से जल भरकर सभी अपने-अपने क्षेत्रों के शिवालय के लिए रवाना हो जाते हैं। पूरे श्रावण मास में यह क्रम चलता है। ऐसे में श्रावण के आगाज के साथ ही कांवड़ पटरी की रौनक बढ़ गई है।
बुधवार की सुबह से शहर में कांवड़ियों का तांता लगा रहा। दूरदराज से आए श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर भोले के जयकारे लगाते हुए वापस गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं। कई-कई दिनों की पैदल कांवड़ यात्रा के बाद श्रद्धालु विभिन्न शिवमंदिरों में जलाभिषेक करेंगे।
दूसरी ओर तीन दिनों की बारिश ने पुलिस प्रशासन की तैयारियों पर पानी फेर दिया है। पटरी पर न टूटी सड़कों का पूरी तरह मरम्मत हो पाई है और न पटरी पर बिजली-पानी सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं जुटाई जा सकीं।