हल्द्वानी के बनभूलपुरा में सरकारी जमीन मलिक का बगीचा क्षेत्र में अवैध कब्जा ढहाने की पुलिस, प्रशासन ने योजना तो बना ली लेकिन इलाके की तंग गलियों का चक्रव्यूह समझना चूक गई। यही भूल उसके लिए आत्मघाती साबित हुई। प्रशासन ने पुलिस के जोर से काम निकालने की कोशिक जरूर की लेकिन उपद्रवियों ने इलाके की भौगोलिक परिस्थिति का फायदा उठाकर पुलिस फोर्स, प्रशासन और नगर निगम की टीम को उलटे पांव लौटने पर मजबूर कर दिया।
Haldwani Riots: बवाल, पथराव, फायरिंग और आगजनी...क्यों धधक उठा हल्द्वानी, 10 तस्वीरों में देखें पूरा घटनाक्रम
अतिक्रमण तोड़ने का जिस जगह पर काम हुआ, वहां जाने का एक ही मुख्य रास्ता है। यह रास्ता भी महज 10 फीट चौड़ा है। इसके चारों ओर घनी आबादी है, जहां छोटी-छोटी गलियां हैं। जैसे ही टीम यहां पहुंची मुख्य मार्ग पर बवाल शुरू हो गया। टीम के अंदर घुसने के बाद चारों ओर से विरोध की आग तेज होने लगी थी। इलाके में पांच से अधिक गलियां हैं, जो काफी तंग हैं और किस गली से कब पत्थर आ रहा था, किसी को अंदाजा ही नहीं लग रहा था। यही वजह रही कि बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी और निगम कर्मी घायल हुए। बनभूलपुरा की तंग गलियों में उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए अंदर घुस रही पुलिस फोर्स उनके ही जाल में फंसती नजर आई।
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हल्द्वानी में बवाल
- फोटो : अमर उजाला
घरों की छतों से पुलिसकर्मियों पर लगातार पथराव होता रहा। बमुश्किल गलियों से बचते-बचाते पुलिसकर्मी किसी तरह मुख्य सड़क पर आ सके। जानकारों की मानें तो बनभूलपुरा में भेजी गई पुलिस फोर्स दूसरे जिलों या अन्य थानों से आई थी जिन्हें इस इलाके का अंदाजा तक नहीं था। अधिकारियों के आदेश का पालन पूरा करने के लिए फोर्स अंदर तो घुस गई, लेकिन वह चक्रव्यूह में फंस गई, जिस कारण जान भी सांसत में आ गई।
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हल्द्वानी में बवाल
- फोटो : अमर उजाला
बनभूलपुरा क्षेत्र में अतिक्रमण वाली जगह के चारों ओर बस्ती बसी है। यहां दो से तीन मंजिला मकान बने हैं, जिनकी गिनती हजारों में है। पुलिस-प्रशासन टीम पर सामने से उपद्रवियों के पथराव करते ही छतों से पत्थरों की बारिश होने लगी। प्रशासन के पूर्व में तोड़े गए अतिक्रमण का मलबा लोगों ने छतों पर इकट्ठा कर लिया था। तंग गलियों के बीच से गुजर रहे पुलिस और प्रशासन के लोगों पर छतों से गोली की रफ्तार से पत्थरों की बारिश का जवाब किसी के पास नहीं था।
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हल्द्वानी में बवाल
- फोटो : अमर उजाला
गली में मौजूद लोगों को छिपने के लिए न जगह मिल रही थी न किसी घर की छत पर जाने का रास्ता। अवैध मदरसे और मस्जिद को तोड़ने के लिए नगर निगम, प्रशासन और पुलिस की टीम क्षेत्र में बिना में घुस गई। मगर बीते चार फरवरी के विरोध को पुलिस, प्रशासन और नगर निगम की टीम ने हल्के में ले लिया।
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हल्द्वानी में पुलिस
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कई मौकों पर ड्रोन से निगरानी करने वाले पुलिस प्रशासन कार्रवाई से पहले हवाई सर्वे तक नहीं करा पाया। टीम के अंदर घुसने से पहले ऊंचे मकानों के ऊपर भी पुलिस की नजर नहीं गई, जिस कारण उपद्रवियों को पुलिस टीम पर हमला करने का आसान रास्ता मिल गया।