सरकारी कर्मचारियों के लिए आई बुरी खबर, सरकार का यह फरमान बढ़ा देगा टेंशन
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जो कर्मचारी लगातार चार सालों से सुगम इलाकों में तैनात हैं, उन्हें अनिवार्य रूप से दुर्गम इलाकों में तैनात किया जाएगा। बशर्ते वे किसी प्रकार की छूट के दायरे में न आते हों। वहीं सुगम से दुर्गम इलाके में स्वेच्छा से जाने वालों का स्वागत रहेगा। मुख्य सचिव ने ट्रांसफर एक्ट के तहत तबादलों को लेकर मंगलवार को कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। इसमें एक्ट के विभिन्न बिंदुओं पर कार्रवाई की पूरी रूपरेखा दी गई है।
इसके तहत सामान्य स्थानांतरण के लिए विभागाध्यक्ष, कार्यालय अध्यक्षों द्वारा 31 मार्च तक चिह्नित करने और स्थानांतरण समिति का गठन एक अप्रैल तक करना होगा। प्रत्येक संवर्ग के लिए दुर्गम, सुगम क्षेत्र की रिक्तियां और उनके लिए आवेदन करने वालों की सूची 15 अप्रैल तक प्रकाशित कर दी जाएगी। 10 जून तक स्थानांतरण आदेश जारी करने की अंतिम तिथि होगी।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने मंगलवार को इस बाबत शासनादेश जारी किया है, जिसमें बारह बिंदुओं में सभी आला अधिकारियों को विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई केे लिए निर्देशित किया है। कहा गया है कि जो कार्यस्थल सात हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर हैं, वहां एक वर्ष की तैनाती को दुर्गम के दो साल की तैनाती के बराबर माना जाएगा। इसके अलावा ऐसे कर्मी जिनकी सुगम क्षेत्र में तैनाती को चार साल हो चुके हैं, या फिर उनके संपूर्ण सेवाकाल में सुगम क्षेत्र में दस साल की सेवा पूरी हो चुकी है और जो छूट की श्रेणी में नहीं आते हैं, उनको दुर्गम क्षेत्र में कुल रिक्तियों की सीमा तक स्थानांतरण के लिए चिन्हित करके तबादले किए जाएंगे।
इस मामले में कर्मिकों द्वारा विकल्प को प्राथमिकता के क्रम में मांगा जाएगा, जिसे नोटिस बोर्ड या सरकारी वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाएगा। वहीं, दुर्गम स्थानों में अपनी तैनाती के स्थान पर तीन वर्ष या अधिक वर्ष से तैनात कार्मिकों का सुगम क्षेत्र में अनिवार्य तबादला किया जाएगा, बशर्ते उन्हें सुगम में जाने में कोई दिक्कत न हो। उधर, कुल सेवाकाल के दस साल दुर्गम में पूरे कर चुके कार्मिकों को सुगम में अनिवार्य स्थानांतरण किया जाएगा। अनुरोध के आधार पर सुगम में तबादले तभी किए जाएंगे, जब रिक्तियां होंगी।