अगर आप सरकारी कर्मचारी हैं या पेंशनर हैं तो यह खबर आपके लिए है। अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना में सरकारी कर्मचारियों के गोल्डन कार्ड उनके दफ्तरों में ही बनेंगे। इसके लिए प्रत्येक कार्यालय के कुछ कर्मचारियों को ही कार्ड बनाने का प्रशिक्षण और अधिकार दिया जाएगा। वहीं, पेंशनरों के गोल्डन कार्ड ट्रेजरी में बनाए जाएंगे।
सोमवार को 26 जनवरी से शुरू होने वाली योजना के दूसरे चरण को लेकर अधिकारियों ने महत्वपूर्ण फैसले लिए। राज्य स्वास्थ्य अभिकरण के अध्यक्ष दिलीप कोटिया की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रत्येक कार्यालय में आहरण-वितरण अधिकारी या प्रशासनिक अधिकारी को कार्ड बनाने का प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया गया। उनके पास ही साफ्टवेयर में कार्ड तैयार करने का अधिकार भी होगा।
वहीं, अधिक कर्मचारियों वाले दफ्तरों में सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) भी स्थापित किए जाएंगे। अगले एक सप्ताह के भीतर अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग सभी कर्मचारियों और उनके परिवार का डाटा उपलब्ध कराएगा, जिसे विभागीय साफ्टवेयर में अपलोड कर लिया जाएगा। इस डाटा के आधार पर ही कर्मियों और उनके परिवार के सदस्यों के कार्ड बनेंगे।
पेंशनरों के कार्ड बनाने के लिए प्रत्येक ट्रेजरी में सामान्य सेवा केंद्र खोले जाएंगे। पेंशनरों को सुविधा देने के लिए टोकन व्यवस्था लागू की जा सकती है, जिससे की उन्हें अनावश्यक लाइन पर खड़ा न रहना पड़े। साथ ही ट्रेजरी पर एक साथ बहुत ज्यादा भीड़ भी न लगे।
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अटल आयुष्मान योजना के तहत अब तक चार लाख से अधिक लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। सामान्य सेवा केंद्रों पर छह लाख से ज्यादा पंजीकरण हो चुके हैं। बैकलॉग भी बढ़कर दो लाख से अधिक पहुंच गया है। अभी रोजाना 40 हजार से अधिक कार्ड बनाए जा रहे हैं, जिनकी क्षमता बढ़ाकर 60 हजार तक की जाएगी। फरवरी से पहले प्रतिदिन एक लाख कार्ड बनने लगेंगे।