जल्द ही लाखों कर्मचारियों के राशन कार्ड निरस्त होने वाले हैं। ऐसा क्यों हो रहा है इसकी वजह ये है। सातवें वेतन आयोग का लाभ मिलते ही प्रदेश में एक लाख से ज्यादा सरकारी कर्मचारी राशन कार्ड के लिए अपात्र हो जाएंगे। सरकार को उनके राशन कार्ड निरस्त करने होंगे।
सरकारी कर्मचारी हैं तो निरस्त हो सकता है आपका राशन कार्ड, ये है वजह
प्रदेश में नियम है कि सालाना इनकम पांच लाख या उससे अधिक होने पर राशन कार्ड नहीं बनवा सकते। प्रदेश सरकार राज्य कर्मचारियों को सातवें वेतन का लाभ देने की घोषणा कर चुकी है। लाभ मिलते ही सरकारी कर्मचारियों की सालाना इनकम पांच लाख से ऊपर पहुंच जाएगी। ऐसे में सरकारी कर्मचारियों के नए राशन कार्ड बनना तो दूर पुराने राशन कार्ड भी निरस्त करने होंगे।
प्रदेश में एपीएल (गरीबी रेखा से ऊपर) राशन कार्ड धारकों की संख्या करीब करीब 9.5 लाख है। इनमें सरकारी कर्मचारी 20 प्रतिशत भी माने जाएं तो संख्या 1.90 लाख पहुंचती है। प्रदेश में नियम यह है कि पांच लाख या उससे अधिक आमदनी होने पर राशन कार्ड नहीं बन सकता।
केंद्र सरकार ने दिसंबर 2016 में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की हैं। कर्मचारियों को इसका लाभ मार्च 2017 से मिलना है। प्रदेश सरकार हाल ही में राज्य कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ देने की घोषणा कर चुकी है। जबकि निकाय व निगमों के कर्मचारी भी खुद को सातवें वेतन के दायरे में लाने की मांग कर रहे हैं।
बहरहाल सातवें वेतन आयोग का लाभ मिलते ही कर्मचारियों की सालाना इनकम पांच लाख से पार जा पहुंचेगी। हालांकि विभाग या शासन के पास ऐसा कोई आंकड़ा नहीं है, जिससे की यह पता लगाया जा सके कि कितने सरकारी कर्मचारियों के राशन कार्ड बने हुए हैं। फिर भी अनुमान के मुताबिक इनकी संख्या प्रदेश भर में एक लाख के आस पास है। नियम का पालन कराते हुए इनके राशन कार्ड निरस्त किए जाएंगे।