अगर आप साक्षात भगवान के दर्शन करना चाहते हैं तो यहां आइए। आपको आशीर्वाद जरूर मिलेगा।
जी हां, चारों धाम समेत अन्य धामों के कपाट बंद होने के बाद भी यहां शीतकालीन यात्रा शुरु की गई है। कहते हैं शीतकाल में भगवान धरती पर रहते हैं।
बदरीनाथ धाम के कपाट 19 नवंबर को बंद होने के बाद श्री बदरीविशाल के शीतकालीन पूजा स्थल पांडुकेश्वर और जोशीमठ में मात्र 2136 तीर्थयात्री ही दर्शन को पहुंचे हैं।
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- फोटो : AmarUjala
मां गंगा और यमुना के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा और खरसाली में दो हजार श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे, इनमें भी अधिकांश पर्यटक हैं, जो पर्यटन स्थलों के सैरसपाटे को आए थे।
इसके विपरीत पंचकेदार शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में बीते 25 नवंबर के बाद से 16 जनवरी तक 4394 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। यह संख्या बीते वर्ष की तुलना में दोगुनी है।