प्रदेश की पहली पैनिक बटन वाली बस आगामी सात अक्टूबर से देहरादून में चलेगी। पहले दिन यह बस देहरादून से मसूरी के बीच चलाई जाएगी। इससे पहले यह बस आज यानी गुरुवार को चलने वाली थी। इनवेस्टर समिट के दिन बस को रवाना किया जायेगा। सूत्रों के मुताबिक आज सुबह ही फोन पर यह ट्रायल रोक दिया गया। इस ई बस को भी उत्तराखंड सरकार अपनी उपलब्धि से जोडे़गी।
उत्तराखंड: 7 अक्टूबर से चलेगी प्रदेश की पहली पैनिक बटन वाली बस, एक नहीं कई हैं खूबियां
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तमिलनाडु से पहुंची इको फ्रेंडली बस में महिलाओं की सुरक्षा के साथ ही तमाम खूबियां हैं। एक महीने तक इलेक्ट्रिक बस शहर के विभिन्न रूटों पर चलेगी। ट्रायल सफल रहने पर 50 बसों को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर चलाया जाएगा। रोडवेज महाप्रबंधक संचालन दीपक जैन सुबह हरिद्वार रोड स्थित वर्कशॉप पहुंचे। यहां उन्होंने ओलक्ट्रा कंपनी की इलेक्ट्रिक बस का निरीक्षण करते हुए बताया कि इस बस का देहरादून से मसूरी के बीच ट्रायल होगा। इसके बाद शहर की अन्य सड़कों पर इसका परीक्षण किया जाएगा। परिणाम सकारात्मक रहने पर 50 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन पीपीपी मोड पर किया जाएगा।
शुरुआत में देहरादून, मसूरी, हल्द्वानी और नैनीताल में यह इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। उसके बाद अन्य रूटों पर इन्हें दौड़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक बार चार्ज होने के बाद बस 200 से 250 किलोमीटर का सफर तय करेगी। साथ ही 20 प्रतिशत बैकअप भी बना रहेगा। इसकी अधिकतम रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। लगातार बढ़ रहे डीजल के दामों को देखते हुए यह इलेक्ट्रिक बस फायदेमंद साबित होगी। इसमें यात्रियों का सफर जहां सस्ता होगा, वहीं इस बस से प्रदूषण भी नहीं होगा।
इलेक्ट्रिक बस की प्रमुख खूबियां
पैनिक बटन - महिलाओं और युवतियों के साथ छेड़छाड़ की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए इलेक्ट्रिक बस में पैनिक बटन भी लगाया गया है। पैनिक बटन दबाते ही सायरन बजने के साथ वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू हो जाएगी।
इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम - इसके जरिये बस को कहीं से भी ट्रैक किया जा सकता है। बस कहां पर है, वह किस स्टॉप पर कितने बजे पहुंचेगी, इन सभी चीजों की जानकारी यात्रियों को मिल सकेगी।
सीसीटीवी कैमरा - सुरक्षा की दृष्टि से बस के अंदर सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है। जिसके जरिये बस के अंदर बैठे यात्रियों की रिकॉर्डिंग होगी। इससे महिलाओं के साथ छेड़छाड़ तथा लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाले शातिर आसानी से दबोचे जा सकेंगे।
नियरेस्ट स्टाप रिक्वेस्ट (एनएसआर) सिस्टम - इलेक्ट्रिक बस में बैठा पैसेंजर अगर उतरना चाहता है तो वह बस में दरवाजे के पास लगा एनएसआर बटन दबा सकता है। बटन के दबते ही चालक बस को रोक देगा और यात्री आराम से उतर जाएगा।