सैन्य अस्पताल में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। वहीं पुलिस और सैन्यकर्मियों की ओर से शवों का रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया। देखिए...
सैन्य क्षेत्रों में आग घटनाओं को देखते हुए फायर सर्विस का रिसपॉन्स टाइम चेक करने को शुक्रवार को एक मॉक ड्रिल की गई। मॉक ड्रिल के तहत पुलिस और आर्मी अधिकारियों ने कैंट स्थित सैन्य अस्पताल में फायर फाइटिंग और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इसके अलावा अग्निशमन विभाग ने अपने नए यंत्र हाईड्रोलिक एरियल प्लेटफार्म का भी पैसेफिक मॉल में प्रदर्शन किया।
इस दौरान 21 मीटर की ऊंचाई पर फायर फाइटिंग और वहां से शव का रेस्क्यू ऑपरेशन दिखाया गया। अग्निशमन अधिकारियों के मुताबिक हाईड्रोलिक एरियल प्लेटफार्म अपनी क्षमताओं पर खरा उतरा है। गौरतलब है कि ब्रहस्पतिवार को भी पुलिस और आर्मी ने मिलकर सैन्य क्षेत्रों में आतंकी घुसे होने की सूचना फ्लैश कर मॉक ड्रिल की थी। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि मॉक ड्रिल के इसी क्रम में शुक्रवार को सैन्य अस्पताल में आग लगे होने की सूचना कंट्रोल रूम से फ्लैश की गई थी।
सिटी कंट्रोल रूम की इस सूचना पर फायर सर्विस और कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कुछ देर बाद वहां एसपी सिटी व सैन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। सैन्य अस्पताल गढ़ी कैंट के तीसरी मंजिल पर आग बुझाने का प्रदर्शन किया गया था। इसके साथ ही आग में फंसे मरीजों को भी वहां से निकालने का डेमो दिया गया। कुकरेती ने बताया कि सुबह करीब साढ़े आठ बजे से शुरू हुआ ऑपरेशन सुबह साढ़े ग्यारह बजे खत्म हुआ। इसके बाद आर्मी और पुलिस अधिकारियों ने टीम को ब्रीफ किया।
इधर, हाल ही में अग्निशमन सेवा के बेड़े में शामिल हाईड्रोलिक एरियल लिफ्ट मशीन की दक्षता को भी परखा गया। विदेश में निर्मित यह मशीन 32 मीटर तक आग बुझाने और रेस्क्यू करने में सक्षम है। इसकी दक्षता जांचने के लिए अग्निशमन विभाग ने पैसेफिक मॉल में आग लगने की घटना का डेमो किया। इस दौरान मॉल के टॉप फ्लॉर पर करीब 21 मीटर पर फायर फाइटिंग और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। चीफ फायर ऑफिसर एसके राणा ने बताया कि यह मशीन अपनी क्षमताओं के अनुसार काम कर रही है। शुक्रवार के इस डेमो में एक शव को रेस्क्यू करने का ऑपरेशन भी चलाया गया था। ऑपरेशन पूरी तरह से सफल रहा।