{"_id":"57811a4e4f1c1b446c7fbc32","slug":"effigies-burn-in-bastari-in-the-place-of-dead-body","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"कराह उठा बस्तड़ी, शव की जगह चिता पर जले एक साथ 9 पुतले, तस्वीरें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कराह उठा बस्तड़ी, शव की जगह चिता पर जले एक साथ 9 पुतले, तस्वीरें
Sun, 10 Jul 2016 09:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बस्तड़ी/डीडीहाट (पिथौरागढ़)
ब्यूरो/अमर उजाला, बस्तड़ी/डीडीहाट (पिथौरागढ़)
Updated Sun, 10 Jul 2016 09:52 AM IST
विज्ञापन
1 of 10
Effigies burn in bastari
- फोटो : अमरउजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
शनिवार को बस्तड़ी में हर आंख नम थी और हर दिल रो रहा था। गांव से एक साथ नौ अर्थियां उठीं। उस दिल के कराह की आखिर क्या सीमा होगी, जो अंतिम दर्शन के लिए अर्थी की ओर बढ़े, लेकिन किसी ‘अपने’ के शव के अंतिम दर्शन की बजाय उसके पुतले की अर्थी की परिक्रमा कर खुद को दिलासा देने की कोशिश करे।
2 of 10
Effigies burn in bastari
- फोटो : अमरउजाला
30 जून को बादल फटने से मची तबाही के बाद शनिवार को बस्तड़ी में यही हुआ। तबाही में खो गए नौ लोगों के पुतलों का अंतिम संस्कार चर्मा घाट पर हुआ। घाट पर शनिवार को एक साथ छह चिताएं जलीं और तीन नाबालिग के पुतलों को मिट्टी में दफनाया गया।
3 of 10
बस्तड़ी में खोजबीन करते जवान
- फोटो : अमरउजाला
30 जून की रात आपदा के समय लापता हुए नौ लोगों की खोजबीन की सारी कोशिश नाकाम होने के बाद गांव के लोगों ने तय किया कि अब सभी लापता लोगों के पुतले बनाए जाएं और उनका अंतिम संस्कार किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 10
बस्तड़ी गांव में मलबे में लापता लोगों को तलाशते जवान
- फोटो : अमरउजाला
हिंदू रीति के अनुसार हर मृतक का अंतिम संस्कार और क्रियाकर्म किया जाना जरूरी होता है। नौ दिन के बाद क्रियाकर्म संभव नहीं होता, लिहाजा शनिवार को बस्तड़ी आपदा की मार और परंपरा निभाने के बीच में एक बार फिर से आपदा का दंश झेलने को मजबूर हो गई।
विज्ञापन
5 of 10
Effigies burn in bastari
- फोटो : अमरउजाला
शनिवार सुबह जब लापता नौ लोगों के पुतले तैयार किए गए तो ऐसा लगा कि जैसे गांव में नई आपदा आ गई हो। इस मलबे में अब जिंदगी के निशान तलाशना संभव नहीं रह गया है। पुतले कांस (कुश) घास के बनाए गए।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।