रविवार को दोपहर बाद राजधानी में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से मौसम का मिजाज बदल गया। दोपहर तक तेज धूप की वजह से जहां दिन का अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया वहीं दोपहर बाद बारिश और ओलावृष्टि के चलते तापमान में करीब सात डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। कुछ जगहों पर तेज हवाओं की वजह से पेड़ गिर गए तो कई जगहों पर देर रात तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही।
हरिद्वार में शाम के समय मौसम ने अचानक करवट बदली और तेज हवाएं चलने लगी। आंधी के साथ धूल उड़ने से हाईवे से लेकर शहर के अंदर जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। शहर के लोगों के साथ यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। धूलभरी आंधी चलने से सड़कें और बाजार सूने हो गए। लोगोें के घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में धूल पसर गई। आंधी रुकने के बाद ही लोगों ने राहत की सांस ली।
रविवार को सुबह के समय आसमान में बादल छाए हुए थे। लोगों को उम्मीद थी कि बारिश होगी और गर्मी से निजात मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दिन चढ़ने के साथ आसमान साफ हो गया और चटक धूप निकल आई। अन्य दिनों की अपेक्षा रविवार को गर्मी ज्यादा था। दम घुटने वाली गर्मी से लोग परेशान रहे। शाम के समय अचानक ही आसमान में काले बादल छा गए। तेज हवा चलने लग गई। हवाओं ने आंधी का रूप लिया तो चारों तरफ धूल के गुब्बार ही नजर आए। हाईवे पर सबसे ज्यादा दिक्कतें हुई। चौड़ीकरण के कारण यहां से गुजरना मुश्किल हो गया।
वाहन चालकों को लाइटें जलाकर चलना पड़ा। कई लोगों ने सड़क किनारे खड़े होने में भलाई समझी। बाजारों के अंदर भी यही नजारा था। धूल उड़ने से व्यापारियों ने अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए। सड़कें सूनी हो गई और लोगों ने अपने आप को घरों में कैद कर लिया। चंद्राचार्य चौक, पुराना रानीपुर मोड़, शंकर आश्रम, रेलवे स्टेशन ज्वालापुर रोड, कटहरा बाजार, सर्राफा बाजार, पीठ बाजार में रोजाना की अपेक्षा भीड़ भाड़ बेहद ही कम देखने को मिली। बारिश नहीं होने से लोगों को ज्यादा राहत नहीं मिल सकी।
मसूरी में करीब 40 मिनट तक चली आंधीसे सड़कों पर पेड़ों के पत्तों की चादर जैसी बिछ गई। दूसरी और देहरादून मार्ग पर पड़ेगिरने से मार्ग कुछ देर के लिए अवरुद्ध हो गया। रविवार को मसूरीमें सुबह धूप खिली थी, दोपहर बाद अचानक मसूरी में मौसम खराब हुआ और तेज आंधी चलनेलगी। आंधी के चलते ही बाजारों में दुकानों के शटर बंद होते चले गए। वहीं हवाओं केचलने से पेड़ों के भारी मात्रा में गिरे पत्तें सड़क पर चादर की तरह बिछ गए। तेज हवा सेमालरोड़ स्थित एक होटल की खिड़की के शीशे टूटकर नीचे सड़क पर आ गिरे, गनीमत रही कि उसवक्त सडक पर कोई था जिससे बड़ा हादसा टल गया।