दून वैली कैनल क्लब की ओर से आयोजित 59वें डॉग शो में बंगलुरु के मंजूनाथ गौड़ा का डोबरमैन विजेता बना। दिल्ली के सुनील कुमार पासवान के शिहत्जू को दूसरा और पंजाब के हिम्मत सिंह के तिब्बतियन मस्टिफ को तीसरा स्थान मिला। शो में करीब 400 नस्लों के 300 से अधिक विदेशी और चार भारतीय नस्लों के डॉग ने हिस्सा लिया।
रविवार को रेंजर्स मैदान में देश के अलग-अलग हिस्सों से डॉग लवर डॉगी की एक से बढ़कर एक प्रजातियां लेकर पहुंचे। ट्रेनर के इशारों पर दौड़ते-भागते डॉगी ने अपने अंदाज से दर्शकों को खूब लुभाया। शो में निर्णायकों ने डॉगी की फिटनेस, वजन, कद-काठी, आकार की जांच की। इसके बाद उनकी आदेश के पालन करने और दौड़ लगाने का परीक्षण किया गया। साथ ही अलग-अलग प्रजातियों के रिस्पांस करने, उछलने, कूदने के आधार पर अंक दिए गए।
देर रात तक चली प्रतियोगिता के बाद सर्वाधिक अंक पाने वाले आठ डॉगी की घोषणा की गई। निर्णायक रूस की यूलिया ओवसाननिकोवा व दिमित्री प्रोजोरोव और भारत के योगेश टुटेजा ने संयुक्त रूप से परिणामों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि शो में चंडीगढ़ के सिकंदर सिंह के रोट विलर को चौथा, दिल्ली के सत्यम बिष्ट के शिहत्जू को पांचवा, दिल्ली के सनी कोचर के लैब्राडोर को छठवां, दिल्ली के ही वरदान गुप्ता के हस्की को सातवां और दिल्ली के आलोक नंदा के पामेरियन को आठवां स्थान मिला।
पहले आठ स्थानों पर रहे डॉगी को सर्टिफिकेट और ट्रॉफी प्रदान की गई। सर्वश्रेष्ठ आठ में उत्तराखंड का एक भी डॉगी जगह नहीं बना सका। इसके अलावा दिन भर अलग-अलग प्रतिस्पर्द्धाओं में कई डॉगी को पुरस्कृत किया गया।
देशी-विदेशी नस्ल के डॉगी को देखने के लिए पूरे दिन बड़ी संख्या में लोग रेंजर्स कॉलेज पहुंचे। इस दौरान दर्शकों ने अलग-अलग नस्ल के डॉगी के साथ खूब फोटो खिंचवाए। साथ ही डॉगी के साथ सेल्फी भी ली। डॉगी को लेकर पहुंचे पशुपालकों ने भी दर्शकों को निराश नहीं किया। उन्होंने भी डॉगी को लेकर लोगों के साथ फोटो खिंचवाए।