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देहरादूनः 1900 पार हुआ मरीजों का आंकड़ा, डेंगू की दहशत से अस्पताल फुल 

Mon, 16 Sep 2019 10:28 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 16 Sep 2019 10:28 AM IST
सार

  • सामान्य बुखार में भी अस्पतालों की ओर दौड़ रहे मरीज
  • स्ट्रेचर पर भी चल रहा मरीजों का इलाज 

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Dengue Attack in dehradun hospital full
अस्पताल में भर्ती मरीज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डेंगू के प्रकोप और दहशत का असर राजधानी के अस्पतालों में भी नजर आ रहा है। ज्यादातर अस्पतालों में एक भी बेड खाली नहीं है। स्थिति यह है कि कई जगह स्ट्रेचर पर भी मरीजों का इलाज चल रहा है तो कहीं यह भी नसीब नहीं हो रहे। लोगों में डेंगू की इतनी की दहशत है कि सामान्य वायरल बुखार के मरीज भी डाक्टरों पर अस्पताल में भर्ती करने का दबाव डाल रहे हैं और यही खौफ परेशानी का कारण बन गया है। 

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देहरादून में डेंगू को लेकर चारों तरफ हाहाकार जैसी स्थिति है। जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या 1900 से अधिक पहुंच चुकी है। शहर के तीन प्रमुख सरकारी अस्पतालों की बात करें ऐसा कोई दिन नहीं जब अस्पताल में आसानी से कोई बेड खाली मिल रहा हो। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में शुमार राजकीय दून मेेडिकल अस्पताल में 567 बेड हैं। ये सभी बेड रोजाना लगभग फुल रहते हैं। अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए 65 बेड बनाए गए हैं।
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इनमें इस सीजन में अब तक 700 मरीज भर्ती हो चुके हैं। रविवार को वहां 52 मरीज भर्ती थे। जबकि कोरोनेशन में 39 और गांधी शताब्दी में 31 बेड डेंगू मरीजों के लिए हैं। दोनों अस्पतालों के ये बेड रविवार को फुल थे। पटेलनगर स्थित श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के सीनियर पीआरओ भूपेंद्र रतूड़ी ने बताया कि अस्पताल में डेंगू के प्राथमिक लक्षणों वाले औसतन 60 मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं। इनमें कई बार 40 तक मरीजों में डेंगू पॉजीटिव आ रहा है और उन्हें भर्ती भी करना पड़ रहा है। इसके अलावा शहर के विभिन्न अस्पतालों में भी बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं।

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रविवार को भी हुई डेंगू की जांच

डेंगू के प्रकोप को देखते हुए गांधी शताब्दी और कोरोनेशन अस्पताल में रविवार को भी डेंगू की जांच हुई। दोनों अस्पतालों के सीएमएस डा. बीसी रमोला ने बताया कि कोरोनेशन में डेंगू के लक्षणों वाले 172 और गांधी शताब्दी अस्पताल में 101 मरीज जांच के लिए पहुंचे। जबकि, दून अस्पताल की इमरजेंसी में खुद चिकित्सा अधीक्षक डा. केके टम्टा, एक सीनियर फिजिशियन, एक जेआर और एक सीएमओ (कैजुएलटी मेडिकल आफिसर) ने डेंगू के लक्षणों वाले 300 मरीजों का चेकअप किया।

ब्लड बैंकों पर बढ़ा दबाव
जैसे-जैसे डेंगू खतरनाक हो रहा है, वैसे-वैसे शहर के ब्लड बैंकों पर भी ब्लड और प्लेटलेट्स के लिए दबाव बढ़ रहा है। दून अस्पताल के ब्लड बैंक में रविवार को 300 यूनिट ब्लड था। अस्पताल के एमएस डा. टम्टा ने बताया कि निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजन अब तक 199 यूनिट रक्त ले जा चुके हैं। जबकि दून अस्पताल में भर्ती डेंगू के मरीजों को मात्र 22 यूनिट रक्त की जरूरत पड़ी है। वहीं, आईएमए ब्लड बैंक के प्रभारी डा. संजय उप्रेती ने बताया कि रोजाना औसतन 80 यूनिट प्लेटलेट्स और 20 यूनिट जंबो पैक की जरूरत पड़ रही है। जिससे ब्लड बैंक पर बहुत दबाव बढ़ रहा है। इसी तरह, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के ब्लड बैंक में भी रोजाना 50-70 यूनिट रक्त की खपत हो रही है। ब्लड की आपूर्ति पूरी करने के लिए अस्पताल की ओर से विभिन्न संस्थाओं के साथ मिलकर छोटे-छोटे रक्तदान शिविर लगाए जा रहे हैं।

पैथोलाजी लैब में भी भीड़ 

शहर के बड़े अस्पतालों, पैथोलॉजी लैब से गली मोहल्लों में खुली पैथोलॉजी लैब में भी आजकल खूब भीड़ नजर आ रही है। डेंगू की दहशत के चलते लोग सामान्य वायरल बुखार होने पर भी डेंगू की जांच करा रहे हैं।

घबराएं नहीं, डाक्टर को दिखाएं
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, पटेलनगर के डेंगू के नोडल अफसर वरिष्ठ फिजिशियन डा. राजेंद्र का कहना है कि डेंगू से घबराने की जरूरत नहीं है। बुखार आना, उल्टी जैसा मन होना या उल्टी आना, शरीर पर चकते, दाने उत्पन्न होना, जोड़ो, टांगों में दर्द और आंखों के पीछे दर्द होना जैसे डेंगू के प्राथमिक लक्षण हैं। ये लक्षण होने पर चिकित्सक को दिखाएं। आमतौर पर इसमें मरीज को बुखार कम करने के लिए पैरासीटामोल दी जाती है। अपने आप कोई दवा न लें। योग्य डाक्टर की सलाह पर ही उपचार कराएं। खूब पानी और तरल खाद्य पदार्थ लें।

पैथोलॉजिस्ट एसोसिएशन ने घटाई जांच की दरें

डेंगू का सीजन शुरू हुए तीन माह होने के बाद अब पैथोलॉजिस्ट एसोसिएशन ने निजी लैब में इसकी जांच की दरें तय की हैं। निर्णय लिया गया है कि देहरादून में मरीज से रैपिड जांच के एक हजार, जबकि एलाइजा जांच के 500 रुपए लिए जाएंगे। पिछले तीन महीने से देहरादून समेत प्रदेश भर में डेंगू मच्छर का प्रकोप चल रहा है। ऐसा कोई दिन नहीं जब डेंगू का कोई नया मरीज न सामने आ रहा हो। सरकारी व निजी अस्पतालों में बेड मिलना मुश्किल हो रहा है, वहीं जांच के लिए भी मरीजों को दिक्कत झेलनी पड़ रही है।

निजी लैब व अस्पताल मरीजों से मनमानी फीस वसूलकर परेशानी और बढ़ा रहे हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने डेंगू को लेकर समीक्षा की थी। उन्होंने आइएमए व निजी पैथोलॉजी लैब के साथ समन्वय स्थापित कर उचित फीस निर्धारित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए थे। जिस पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसके गुप्ता ने सभी संबंधित को निर्देश जारी किए। रविवार शाम पैथोलॉजिस्ट एसोसिएशन ने बैठक कर शुल्क निर्धारित किया। एसोसिएशन की अध्यक्ष डा. सविता गोयल ने कहा कि अधिकांश निजी लैब उचित शुल्क ले रहे हैं। अब मरीजों के हित को देखते हुए दाम और कम कर दिए गए हैं। जिसके आदेश जल्द जारी कर दिए जाएंगे।

ये हैं जांच की दरें
रैपिड टेस्ट (एनएस1 आईजीजी, आईजीएम) जहां पहले 1200 रुपए था वह अब 1000 रुपए होगा। इसी तरह एलाइजा जांच अब 1000 के बजाय 500 रुपए देना होगा। सीबीसी 360 की 300 और प्लेटलेट्स काउंट के 150 के स्थान पर 130 रुपए तय किया गया है।

कांग्रेस ने की मुख्यमंत्री के बयान की कड़ी निंदा

कांग्रेस ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की ओर से डेंगू के मुद्दे पर दिए बयान की कड़ी निंदा की है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि मुख्यमंत्री को अपने पद की गरिमा के बारे में पता नहीं है। इसलिए वे इतनी हल्की बात इतने गंभीर विषय पर बोल गए। धस्माना ने कहा कि डेंगू से देहरादून में 10 हज़ार से भी ज्यादा मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं और इतनी ही संख्या में पीड़ित मरीज घरों में दवा ले रहे हैं। कई लोग इस बीमारी से पीड़ित हो कर अपनी जान गवां चुके है। पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने के बजाय मुख्यमंत्री कांग्रेस पर डेंगू के मच्छर छोड़ने का बचकाना बयान दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने शनिवार को कोरोनेशन अस्पताल में पत्रकारों के सवाल पूछने पर कहा था कि सबसे बड़ा डेंगू मच्छर तो प्रीतम सिंह (कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष) के आसपास घूम रहा है।

सूर्यकांत धस्माना ने डेंगू को लेकर मोर्चा खोला
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने डेंगू को लेकर मोर्चा खोलने के बाद अब खुद भी जन जागरण अभियान शुरू किया है। रविवार को इसकी शुरुआत करते हुए माजरा क्षेत्र में धस्माना ने लोगों के बीच जाकर डेंगू के मच्छर पनपने की वजह और उससे कैसे बचा जाय इस पर चर्चा की। धस्माना ने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें। घर पर गमलों, कूलर व एसी में पानी न रहने दें। धस्माना ने कहा कि घर, दफ्तर व आसपास गंदगी एकत्रित न होने दें व साफ  सफाई पर विशेष ध्यान दें। डेंगू बुखार के लक्षण होने पर चिकित्सक को अवश्य परामर्श करें। इस अवसर पर कांग्रेस नेता महेश जोशी, सलीम अंसारी, अनीस, अंसारी, वीनीस कांत चैहल, उपेंद्र पंवार, फैज, सैफी, अयूब अकेला, सोनू कुरैशी, फरमान, मलिक, जाहिद अंसारी आदि बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग शामिल रहे।

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