विष्णुलोक कॉलोनी में बुजुर्ग कपूर दंपती पर जानलेवा हमले के दौरान उनके घर के सामने काम कर रही शीला ने उन्हें बचाने के लिए आरोपी राजकुमार से भिड़ने की कोशिश की। शोर सुनकर वह तत्काल दंपती के घर पहुंची तो वहां का मंजर देखकर मदद के लिए आगे बढ़ी। आरोपी ने उस पर भी पेंचकस से कई वार किए। उसके पेट और गले पर वार किए जाने के बावजूद शीला ने हिम्मत नहीं हारी और हमलावर का सामना करती रही।
घटना मंगलवार दोपहर करीब सवा तीन बजे 16 विष्णुलोक कॉलोनी स्थित कपूर दंपती के घर में हुई। उस वक्त शीला सामने वाले मकान में काम कर रही थी। अचानक उसे कपूर दंपती के घर से चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर वह अपना काम छोड़कर तत्काल वहां पहुंची। बताया जा रहा है कि घर के भीतर राजकुमार बुजुर्ग दंपती पर हमला कर रहा था। शीला ने उन्हें बचाने का प्रयास किया तो आरोपी ने उस पर भी हमला कर दिया।
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देहरादून में हत्या के बाद जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपी ने पेंचकस से शीला के पेट और गले पर कई वार किए। हमले में वह भी गंभीर रूप से घायल हो गई। इसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस के पहुंचने तक कपूर दंपती और शीला लहूलुहान हालत में थे। तीनों को तत्काल कोरोनेशन अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने कपूर दंपती को मृत घोषित कर दिया। शीला का उपचार किया गया।
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मृतक बुजुर्ग दंपती
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शीला पहले कपूर दंपती के घर पर काम कर चुकी थी। इसी वजह से वह परिवार को पहले से जानती थी। घटना के वक्त वह सामने वाले घर में काम कर रही थी और आवाज सुनते ही मदद के लिए पहुंच गई। उसके इस प्रयास से यह भी सामने आया कि उसने अपनी जान की परवाह किए बिना बुजुर्ग दंपती को बचाने की कोशिश की।
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देहरादून में हत्या के बाद जमा लोग
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
शीला के परिजनों को जैसे ही उसकी हत्या की जानकारी मिली तो चीख-पुकार मच गई। वह अफरा-तफरी में कोरोनेशन अस्पताल पहुंचे। वहां पहुंचते ही बेटा रामबालक बेसुध हो गया। अस्पताल के रैंप में ही लेट गया और उसके साथ उसके परिवार के और सदस्य भी वहीं बैठ गए। शीला के परिजनों की रोने और चीखने की आवाज सुनकर हर कोई सन्न रह गया।
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देहरादून में हत्या के बाद पुलिस
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
बेटे ने कहा मेरी मां को मारने वाले को भी मार दो। उसे कम से कम फांसी की सजा मिलनी चाहिए। जेठानी सुनीता ने बताया कि शीला बहुत भली इन्सान थी। वह हर किसी की मदद के लिए तुरंत तैयार हो जाती थी। कपूर दंपती को वह पहले से जानती थी इसलिए उनकी आवाज सुनकर वह मदद के लिए दौड़ पड़ी।