चंद्रग्रहण खत्म होने के बाद इन चीजों के दान करना बेहद शुभ माना जाता है। आप भी कीजिए...
ज्योतिषाचार्य गौरव आर्य ने बताया कि ये चंद्र ग्रहण अपनी ही राशि कर्क पर पड़ रहा है जिसके चलते ये सभी राशियों पर अलग अलग प्रभाव डालेगा। 2019 का दूसरा ग्रहण और पहला चंद्रग्रहण 20 और 21 जनवरी को दिखाई दिया।
इस चंद्रगहण को सुपर ब्लड वुल्फ मून के नाम से जाना बुलाया जा रहा है। चंद्रमा जब धरती की छाया से होकर जाता है तो सुपरमून या लाल तांबे के रंग जैसा नजर आता है।
बताया कि आमतौर पर ऐसे हर चंद्र ग्रहण को एक खास नाम दिया जाता है, उसी क्रम में इस चंद्रगहण का नाम भी अपने में खास है। ये सुपर ब्लड वुल्फ मून 20 जनवरी की शाम 8 बजकर 6 मिनट पर शुरू हुआ और 21 जनवरी को 1 बजकर 18 मिनट पर पूर्ण हो गया। हांलाकि ये भारत में नहीं दिखाई दिया। जिसके चलते इसका धार्मिक रूप से कोई अधिक महत्व नहीं है फिर भी ग्रह गोचर में परिर्वतन हर सजीव और निर्जीव पर प्रभाव डालता है।
ज्योतिष पीपीएस राणा के अनुसार ग्रहण के समय भोजन बनाना, भोजन करना, निंद्रा लेना, मूर्तियां स्पर्श करना निषेध होता है। इस अवधि में मंत्रों का जप करना कई गुना फल देता है। जैसे ही ग्रहण खत्म हो उसके बाद स्नान करना चाहिए। स्नान करने के बाद धुले हुए कपड़े पहनने हैं, ग्रहण के वक्त पहने कपड़ों को किसी गरीब को दान दे देना चाहिए।