आमतौर पर साइबर ठगी के शिकार व्यक्ति की रकम वापस नहीं आती। लेकिन यहां इन्हें ठगी का सारा पैसा इस तरह से वापस मिल गया। जानिए...
चंपावत के एक प्रधानाचार्य के 49 हजार 999 रुपये 30 दिन बाद वापस मिल गए। सर्विलांस के जरिये आरोपी तक पहुंची पुलिस ने दबाव बनाया तो उसने छह किस्तों में रुपये वापस कर दिए। लोहाघाट के ओकलैंड पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य रमेश चंद्र पांडेय के भारतीय स्टेट बैंक खाते से 10 मार्च को एक अनजान फोन के जरिये एटीएम का पासवर्ड हासिल कर साइबर ठगों ने 49999 रुपये निकाल लिए थे।
प्रधानाचार्य ने तत्काल साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। सर्विलांस से पता चला कि रकम झारखंड के गिरहिड जिले से निकाली गई। चंपावत के पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल ने संबंधित पुलिस से संपर्क साधा। उसके बाद पुलिस टीम गिरहिड भेजी।
आरोपी का पता लगाने के लिए बैंक शाखा और सीसीटीवी का सहारा लिया गया। आरोपी पर पुलिस ने दबाव बनाया तो वह रकम वापस करने को मजबूर हो गया। प्रधानाचार्य रमेश चंद्र पांडेय ने बताया यह रकम छह किस्तों में खाते में आई।
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पुलिस
- फोटो : file photo
तीन अप्रैल को पांच-पांच हजार रुपये की पांच किस्तें यानी 25 हजार रुपये आए। नौ अप्रैल को शेष 24999 रुपये खाते में स्थानांतरित कर दिए गए। एसपी ने साइबर सेल की टीम को इस कामयाबी के लिए एक हजार रुपये का इनाम देने का ऐलान किया है। पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि जिले के साइबर अपराधों की विवेचना के लिए चंपावत पुलिस की टीम इन दिनों झारखंड के गिरिडीह जिले में है, जो साइबर अपराधी को पकड़ने के लिए नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पहुंची है।