देशव्यापी लॉकडाउन के बीच चार दिन पहले तीर्थनगरी ऋषिकेश की जनता राहत में थी। बाजारों में चहल-पहल भी दिख रही थी। मगर, एम्स में तीन दिन के भीतर चार कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद तीर्थनगरी का माहौल एकदम से बदल गया है। सड़कों का सन्नाटा बता रहा है कि अब जाकर लोग कोरोना की हकीकत से वाकिफ हो रहे हैं।
मंगलवार को एक ही दिन में तीन कोरोना पॉजिटिव केस की जानकारी जैसे की लोगों को लगी ज्यादातर लोग अपने-अपने घरों में कैद हो गए। इधर, पुलिस ने भी एक बार फिर सख्ती बढ़ा दी है। बुधवार को तीर्थनगरी की सड़कों पर कर्फ्यू जैसी स्थिति देखने को मिली। यहां रेलवे रोड, देहरादून रोड, हरिद्वार मार्ग, वीरभद्र मार्ग, सब्जी मंडी, ग्रामीण क्षेत्रों में खरीदारी को भी बहुत कम संख्या में लोग बाहर निकले।
एम्स में कोरोना संक्रमित हुई नर्स आवास विकास स्थित शिवा एन्क्लेव में किराए पर रहती हैं। यह जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन ने शिवा एन्क्लेव की तीन गलियों को बैरिकेडिंग कर सील कर दिया है। इसी के साथ मुनादी कर लोगों के आवागमन पर भी पाबंदी लगा दी गई है। नर्स से पूछताछ के बाद उसके संपर्क में आने वाले 17 लोगों को भी कोविड-19 की जांच के लिए एम्स भेजा गया है।
इनकी रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन अग्रिम कार्रवाई करेगा। शहर में कोरोना पॉजिटिव का चौथा मामला सामने आने के बाद आवास विकास का शिवा एन्क्लेव दूसरा हॉटस्पॉट बन गया है। इससे पूर्व पहला हॉटस्पॉट 20 बीघा क्षेत्र था। तीन दिन में अचानक बढ़े कोरोना के मामलों से जहां प्रशासन सकते में हैं, वहीं स्थानीय लोगों में भी अब डर का माहौल देखने को मिल रहा है। सीलिंग के दौरान एसपी देहात प्रमेंद्र डोभाल, सीओ वीरेंद्र सिंह रावत, कोतवाल रितेश शाह आदि उपस्थित रहे।
एम्स ऋषिकेश में कोरोना के मामले मिलने के बाद से आस-पास सटे गांवों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय लोगों ने भी गांवों के प्रवेश द्वारों पर बैरियर लगाकर बाहरी आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया है।