अगर आप भी बैंक खाताधारक है तो संभल जाएं। अब चीन इस तरह से आपको खातों पर डाका डाल रहा है। देशभर में साइबर अपराधी चाइना में निर्मित स्कीमर की मदद से ही भारतीयों के बैंक खातों में डाका डाल रहे हैं। 30 हजार से लेकर 65 हजार रुपये में ये स्कीमर ऑनलाइन आसानी से उपलब्ध है। देहरादून में पकड़े साइबर अपराधियों ने पुलिस पूछताछ में यह खुलासा किया है।
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चाइनीज स्कीमन की जानकारी देती पुलिस
उनका कहना है कि आगरा में इसी तकनीक से सबसे ज्यादा विदेशियों को शिकार बनाया जाता है, क्योंकि विदेशियों के खातों से रकम उड़ाने के मामले में मुकदमे का खतरा न के बराबर होता है। देहरादून में इंडियन ओवरसीज बैंक के एटीएम से डॉटा चुराकर रकम निकालने में पकड़े गए आगरा के सोमेश कक्कड़ और अजय त्यागी साइबर क्राइम की तकनीक के मास्टर माइंड बताए जा रहे हैं।
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चाइनीज स्कीमन की जानकारी देती पुलिस
किसी साइट से उन्हाेंने एटीएम कार्ड क्लोनिंग की पूरी जानकारी जुटाकर इस पूरे खेल की बारीकियों पर काम किया है। नेहरू कालोनी इंस्पेक्टर राजेश शाह के मुताबिक सोमेश एटीएम में स्कीमर और कैमरा लगाकर दूर बैठकर भी एटीएम कार्ड का डाटा हासिल करने की तकनीक में भी माहिर है। सोमेश ने ऑनलाइन स्कीमर उपलब्ध कराने वाली कई वेबसाइट के नाम भी पुलिस को बताए हैं, जहां आसानी से एटीएम कार्ड क्लोनिंग के उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे है।
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चाइनीज स्कीमन की जानकारी देती पुलिस
तमाम उपकरण चीन में ही निर्मित हैं। देशभर में साइबर अपराधी इस तरह उपकरण जुटाकर भारतीयों के बैंक खातों से रकम उड़ा रहे हैं। शाह के मुताबिक सोमेश ने पूछताछ में बताया है कि आगरा में एटीएम कार्ड क्लोनिंग सबसे ज्यादा है, क्योंकि वहां विदेशियों और पर्यटकाें का ज्यादा आवागमन होता है। विदेशी सैलानियों के इंटरनेशनल एटीएम कार्ड की क्लोनिंग कर रख लेते थे। सैलानी के विदेश लौटने के बाद उसके खाते से मोटी रकम निकाल ली जाती है। काफी लोग इस धंधे में संलिप्त हैं।
पुलिस पूछताछ में सोमेश कक्कड़ ने खुलासा किया कि चिप वाले एटीएम कार्ड आने के कारण एटीएम कार्ड की क्लोनिंग अब मुमकिन नहीं होगी। चिप की काट करने वाला कोई जुगाड़ अभी सामने नहीं आ पाया है। इस धंधे में बड़े पैमाने पर लगे लोगों को इसका इंतजार है।